उर्ध्वोत्तानासन योगासन: विधी, फायदे, सावधानियां

By | May 21, 2018

उर्ध्वोत्तानासन योगासन: विधी, फायदे, सावधानियां:

उर्ध्व – ऊपर, तान – तानना। शरीर को ऊपर की ओर तानते हुए त्रिबंध की स्थिति में स्थिर रहना ही उर्ध्वोत्तानासन कहलाता है। इस आसन के नियमित अभ्यास से रीढ़ लचीली बनने से लंबाई बढ़ाने में मदद मिलती है।

उर्ध्वोत्तानासन विधी:

  • इस आसन को करने के लिए सबसे पहले सावधान की स्थिति में खड़े हो जाए।
  • इस स्थिति में साँस लेने की प्रक्रिया सामान्य ही रहेगी।
  • अब साँस को अंदर लेते हुए अपने कंधे को पीछे की तरफ करे
  • और हाथों को धीरे धीरे साईड से ऊपर की तरफ उठायें।
  • और जब हाँथ कंधे की सीध में आये तो हांथो की हथेलियों को आकाश की तरफ करते हुए
  • हाथों को कान से सटा लें।
  • इसके बाद कोहनियों को मोड़े और विपरीत भुजाओं को पकड़ लें।
  • साथ ही अपनी गर्दन को नीचे की तरफ झुकाएं।
  • इतना करने के बाद पंजे के बल ऊपर की ओर उठे और एड़ियों को ऊपर उठायें।
  • इसके बाद साँस को लेते हुए अपने पंजो पर दवाब डाले।
  • साथ ही जांघ की मांसपेशियों को ऊपर की तरफ खींचे।
  • अब नितंब को कसावट देते हुए नाभि को अंदर करे,
  • सीना बाहर करके पूरी साँस भर लें।
  • साँस की प्रक्रिया को इस स्थिति में भी सामान्य ही रखे।
  • जब आप जांघ की मांसपेशियों को ऊपर उठाएंगे तो घुटना भी ऊपर की तरफ जायेगा।
  • इसमें ध्यान रखना है की घुटना ऊपर की तरफ ही जाए न की पीछे की तरफ।
  • इसके बाद साँस को धीरे धीरे छोड़ते हुए नाभि को संकुचित कर ले
  • और उड्डीयन बंध लगाने के बाद मूलबंध को भी लगा लें।
  • इसके बाद कुंभक की मुद्रा में कुछ देर रुके।
  • इसके बाद अपनी प्रारंभिक अवस्था में वापस आ जाएँ ।
  • वापस आने के लिए धीरे-धीरे बंध खोलते जाएँ और वापस प्रारंभिक स्थिति में आ जाएँ ।

उर्ध्वोत्तानासन लाभ:

  •  मोटापा और शरीर की अतिरिक्त चर्बी दूर होती है।
  • इससे डायबिटीज के मरीजों को लाभ मिलता है।
  • रीढ़ लचीली बनने से लंबाई बढ़ाने में लाभ मिलता है।
  • उर्ध्वोत्तानासन के नियमित अभ्यास से शरीर की लम्बाई बढ़ती है।
  • पाचन संबंधी रोग दूर होने से शरीर स्फूर्त व मन प्रफुल्लित रहता है।

तो दोस्तों आज की यह पोस्ट केसी लगी कमेन्ट करके जरुर बताना धन्यवाद् |

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