कपालभाति प्राणायाम || kapalbhati yoga

By | April 11, 2018

कपालभाति प्राणायाम का महत्व:

कपालभाति संस्कृत का शब्द है। कपाल का अर्थ माथा और भाती का अर्थ प्रकाश होता है। नित्य कपालभाति करने से मुख पर अनोखी कांती मतलब चमक आती है।  कपालभाति प्राणायाम के निरंतर अभ्यास से शरीर के सभी अंग विषैले तत्व से मुक्त हो जाते हैं| किसी भी तंदुरस्त व्यक्ति को उसके चमकते हुए माथे (मस्तक या सिर) से पहचाना जा सकता है। कपालभाति प्राणायाम की उचित व्याख्या है, “चमकने वाला मस्तक”। मस्तक पर तेज या चमक प्राप्त करना तभी संभव है जब आप प्रतिदिन इस प्राणायाम का अभ्यास करें। इसका तात्पर्य यह है कि आपका माथा सिर्फ बाहर से नही चमकता परंतु यह प्राणायाम आपकी बुद्धि को भी स्वच्छ व तीक्ष्ण बनाता है।

kapalbhati yoga in hindi

कपालभाति करने की विधि:

  • एक समतल, स्वच्छ और हवादार जगह पर कपड़ा बिछाकर बैठ जाएं।
  • अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखते हुए, आराम से बैठ जाएँ। अपने हाथों को आकाश की तरफ, आराम से घुटनों पर रखें।
  • जैसे ही आप पेट की मासपेशियों को ढीला छोड़ते हो, साँस अपने आप ही आपके फेफड़ों में पहुँच जाती है।
  • साँस छोड़ते हुए अपने पेट को अंदर की ओर खींचे। अपने पेट को इस प्रकार से अंदर खींचे की वह रीढ़ की हड्डी को छू ले। जितना हो सके उतना ही करें। पेट की मासपेशियों के सिकुड़ने को आप अपने पेट पर हाथ रख कर महसूस कर सकते हैं। नाभि को अंदर की ओर खींचे।
  • एक राउंड खत्म होने के पश्चात, विश्राम करें और अपनी आँखों को बंद कर लें। अपने शरीर में प्राणायाम से प्रकट हुई उत्तेजना को महसूस करें।

प्राणायाम करते समय सावधानियां:

  • कपालभाति प्राणायाम सुबह पेट साफ़ करने के बाद खाली पेट करना चाहिए।
  •  इसे करने के बाद ३० मिनट तक कुछ खाना नहीं चाहिए। थोड़ा पानी पी सकते हैं।
  •  खाना खाने के ५ घंटे बाद की इस प्राणायाम को करना चाहिए।
  • इस प्राणायाम को करने से पहले आप योग गुरु से सीख लें।

कपालभाति के लाभ:

  • इसके अभ्यास से त्वचा में ग्लोइंग और निखार देखा जा सकता है।
  • कपालभाति लगभग हर बिमारियों को किसी न किसी तरह से रोकता है।
  • यह योग क्रिया को करने से वजन कम होता है और शरीर की बढी चर्बी घटती है|
  • पेट की मासपेशियों को सक्रिय करता है जो कि मधुमेह के रोगियों के लिए अत्यंत लाभदायक है।
  • हृदय, फेफड़े, थायरॉयड व मस्तिष्क को बल मिलता है।
  • खून में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़कर रक्त शुद्ध होने लगता है।
  • कपालभाति प्राणायाम करने से आँखों की रौशनी लौटती है और आँखों की अन्य समस्याए भी दूर होती है|
  • यह फेफड़ों की क्षमता में वृद्धि करती है।
  • यह पाचन क्रिया को स्वस्थ बनाता है।
  • इसके अभ्यास से हार्मोंस संतुलित रहते हैं व शरीर में गांठे नहीं पड़ने देते।
  • यह कब्ज की शिकायत को दूर करने के लिए बहुत लाभप्रद प्राणायाम है।

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