कैंसर रोग || Cancer Disease

By | May 5, 2018

कैंसर रोग || Cancer Disease:

आज की इस पोस्ट में कैंसर के बारे में सब कुछ जानेगे |

कैंसर बहुत पुराना रोग है। कैंसर (Cancer) शब्द का अर्थ है केकड़ा क्योंकि कैंसर केकड़ा सदृश्य शरीर में रेंग-रेंग कर बढ़ता है। कैंसर रोग शरीर के किसी भी अंग को चपेट में ले सकता है। कैंसर रोग में कोशिकाओं के स्वरूप में बदलाव आ जाता है और ये कोशिकाएँ तेजी से अनियंत्रित ढंग से विभाजित होने लगती हैं।

कैंसर एक रोग नहीं बल्कि अनेकानेक रोगों का समूह है। कैंसर में वास्तव में एक नए ऊतक का निर्माण हो जाता है। इसे अन्य अंगों पर प्रादुर्भाव (negative effect) पड़ता है। जब कॅन्सर के ट्यूमर में  बढ़ोतरी हो जाती है तो वह शरीर के अन्य हिस्सों में फैल जाता है। और यह अत्यंत पीढ़ा दायक रूप ले लेता है।

देश और दुनिया में नित्य-प्रतिदिन, तकनीकी के विकास के बाद भी दुनिया में कैंसर से मरने वालों की संख्या में कोई कमी नहीं आ रही है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन से प्राप्त आकड़ों के अनुसार सन 2007 में कैंसर से विश्व भर में 79 लाख लोग मौत के शिकार हुए थे।
इस दर में वर्ष 2030 तक 45 प्रतिशत बढ़ोतरी हो कर लगभग एक करोड़ 15-16 लाख हो जाने का अनुमान है, वहीं इस दौरान कैंसर के नए मामले वर्ष 2007 तक एक करोड़ तेरह लाख सामने आए थे, जिसके वर्ष 2030 तक बढ़ कर एक करोड़ पचपन लाख हो जाने का अनुमान है।

कैंसर होने के लक्षण:

  • शरीर में नाक, मुँह, मल, मूत्र से रक्त स्राव
  • स्तन में रसौली।
  • स्तन में गाँठ
  • खांसी के दौरान ख़ून का आना/आवाज में बदलाव।
  • मस्से या तिल जिसके स्वरूप में बदलाव होकर तेजी से बढ़ना।
  • ख़ून की कमी की बिमारी अनीमिया
  • कुछ निगलने में दिक़्कत होना
  • मुँह में सफेद या लाल चकत्ते, छाले, घाव जोकि उपचार के बावजूद भी ठीक नहीं होते।
  • मीनोपॉस के बाद ख़ून आना

कैंसर किन को ज्यादा होने की सम्भावना:

  • ज्यादा मात्रा में लम्बे समय तक शराब सेवन से ग्रास नली, यकृत, अग्नाशय तथा महिलाओं में स्तन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
  • कैंसर किसी भी उम्र में हो सकता है परन्तु अधिकांशतः कैंसर प्रौढ़ावस्था तथा वृद्धावस्था में होते हैं।
  • वातावरण में प्रदूषण कैंसर कारक हो सकते हैं। अपरोक्ष धूम्रपान, वातावरण में मौजूद एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन इत्यादि कैंसर कारक हो सकते हैं।
  • यदि एक ही तेल, घी को बार-बार गर्म कर उपयोग में लाया जाता है तो इनमें कुछ हानिकारक तत्व बन जाते हैं।
  • भोजन में मौजूद कुछ तत्व भी कैंसर की सम्भावना बढ़ा देते हैं। बाजरा, मक्का, मूँगफली, इत्यादि में लगने वाला फफूँद एफ्लोटॉक्सिन स्रावित करता है।
  • हार्मोन स्राव में असन्तुलन के कारण स्तन गर्भाशय ग्रीवा, अण्डाशय, पुरुषों में प्रोस्ट्रेट, अण्डकोश कैंसर का डर रहता है।

तो अब बताई की HealthPlusHindi.com की यह पोस्ट केसी लगी |

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