Balasana Yoga बालासन प्राणायाम

By | April 20, 2018

Balasana Yoga बालासन प्राणायाम:

आपने ऐसा जरुर सुना होगा की एक बच्चा सबसे ज्यादा सुरक्षित उसके माँ की कोख में रहता है| इसलिए जब भी आप बालासन की मुद्रा में रहते है तो आपको बहुत शांति मिलती है| बालासन का अभ्यास करते वक्त व्यक्ति की मुद्रा कोख में पल रहे शिशु की तरह होती है इसलिए इसे बालासन कहा जाता है| इसका अभ्यास करते वक्त जब आप इस अवस्था में आते है तो ना केवल आपके दिमाग को बल्कि शरीर को भी बहुत आराम मिलता है|

balasana yoga benefits in hindi

बालासन योग केसे करे:

  • अपनी एड़ियों पर बैठ जाएँ,कूल्हों को एड़ी पर रखें,आगे की ओर झुके और माथे को जमीन पर लगाये।
  • हाथों को शरीर के दोनों ओर सेइ आगे की ओर बढ़ाते हुए जमीन पर रखें, हथेली आकाश की ओर (अगर ये आरामदायक ना हो तो आप एक हथेली के ऊपर दूसरी हथेली को रखकर माथे को आराम से रखें।)
  • धीरे से छाती से जाँघो पर दबाव दें।
  • स्थिति को बनाये रखें|
  • धीरे से उठकर एड़ी पर बैठ जाएं और रीढ़ की हड्डी को धीरे धीरे सीधा करें।

बालासन योग करने के लाभ:

  • इससे पीठ, कंधे और गर्दन के दर्द से राहत मिलती है| इसलिए सिटींग जॉब वालो को इसे जरुर करना चाहिए|
  • बालासन का अभ्यास करने से शरीर और दिमाग दोनों को शांति मिलती है| तनाव को दूर करने में यह बहुत ही फायदेमंद है|
  • शरीर को फ्लेक्सिबल बनाने के लिए यह सबसे अच्छा आसन है|
  • पेट तथा जांघो की चर्बी घटाने में भी यह आसन मददगार है|
  • यह शरीर के संतुलन को ठीक करता है और रक्त संचार को सामान्य बनाने में भी इस आसन का अभ्यास फायदेमंद है|

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