Chakrasana || चक्रासन योग:

चक्रासन योग पीठ के बल लेट कर किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण योगाभ्यास है।  चक्रासन दो शब्द मिलकर बना है -चक्र का अर्थ पहिया होता है और आसन से मतलब है योग मुद्रा। इस आसन की अंतिम मुद्रा में शरीर पहिये की आकृति का लगता है इसलिए यह नाम दिया गया है।

chakrasana benefits in hindi
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चक्रासन योग की विधि:

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले शवासन में लेट जाएं। फिर घुटनों को मोड़कर, तलवों को भूमि पर अच्छे से जमाते हुए एड़ियों को नितंबों से लगाएं। ध्यान रखें कि आपकी एडियां कूल्हों के पास हों। इसके बाद दोनों हाथों को उल्टा कर कंधों के पीछे एक-दूसरे से थोड़ी दूरी पर रखें। इस स्थिति में कोहनियां और घुटनें ऊपर की ओर रहते हैं।अब धीरे-धीरे अपने पेट और छाती को आकाश की ओर उठाएं और सिर को कमर की ओर ले जाएं। इस आसन को करते समय से शरीर चक्र से मिलती-जुलती आकार में आ जाता है। इस बात का ध्यान दीजिए कि आसन प्रक्रिया के खत्म करते समय शरीर को ढीला रखें। चक्रासन को सुविधानुसार 30 सेकंड से एक मिनट तक किया जा सकता है। इस आसन को नियमित रूप से कम से कम 2-3 बार करना चाहिए।

चक्रासन योग करने के लाभ:

  • रीढ़ की हड्डी लचीली और मजबूत बनती हैं।
  • यह पेट और कमर के स्नायु को मजबूत बनाता हैं।
  • मोटापा कम करने और पेट पर जमी अतिरिक्त चर्बी कम करने में मदद मिलती हैं।
  • पाचन प्रणाली ठीक होता हैं।
  • हड्डिया मजबूत बनती हैं।
  •  मेरुदंड को लचिला बनाकर शरीर को वृद्धावस्था से दूर रखता है।

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