चिकनगुनिया के घरेलू इलाज
चिकनगुनिया के घरेलू इलाज

Chikungunya Virus Name || चिकनगुनिया के लक्षण और इलाज :

बरसात के मौसम में चिकनगुनिया का बुखार काफी लोगो को होता है। चिकनगुनिया लम्बें समय तक चलने वाला जोडों का रोग है जिसमें जोडों मे भारी दर्द होता है। चिकनगुनिया जो मच्छरों द्वारा काटने से फैलती है।

चिकनगुनिया के घरेलू इलाज
चिकनगुनिया के घरेलू इलाज

Chikungunya Symptoms/ लक्षण:

  • सरदर्द होना।
  • इस रोग को शरीर मे आने के बाद इसे फैलने मे 2 से 3 दिन का समय लगता है।
  • मांस पेशियाँ एवं छोटे जोड़ों और रीढ़ की हड्डी में बहुत तेज़ दर्द होता है।
  • हाथ पैरो के जोड़ों में सूजन भी आ सकती है। और आखों मे दर्द होना भी शामिल है।
  • चिकनगुनिया जानलेवा तो नहीं है पर इसके लक्षण आपको बहुत दुख पहुंचा सकते हैं।
  • ज्यादातर चिकनगुनिया के पेशेंट लोगों को 1 से 2 हफ़्तों के बाद स्वास्थ्य में सुधार आने लगता है।
  • कंपकपी और ठंड के साथ बुखार का अचानक बढ़ना।

चिकनगुनिया के कारण:

  • रहने के स्थान के आसपास गंदगी होना।
  • रहने वाले स्थान में ज्यादा मच्छरों का पनपना।
  • मच्छर संक्रमित हो जाते हैं जब वे एक पहले से ही संक्रमित व्यक्ति को काटते हैं।
  • उसके बाद वो जिन भी लोगों को काटते हैं उन्हें भी चिकनगुनिया का संक्रमण हो जाता है।

चिकनगुनिया के घरेलू इलाज :

  • शहद और नीबू का मिश्रण लेने से इस बीमारी में आराम मिलता है।
  • जोड़ों के दर्द के लिए नारियल तेल से हल्की-हल्की मालिश की जा सकती है।
  • जितना हो सके नदी और स्वीमिंग पुल में नहाने से बचे।
  • नीम की गिलोय, सोंठ, छोटी पीपर और गुड़ के साथ तुलसी का काढ़ा बनाकर पीने से लाभ मिलता है।
  • लीवर ठीक करने के लिए पपीते के पत्तों का रस और अनार का रस लें और रक्त के प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए गिलोय और एलोवेरा का जूस लें।
  • हरदा, आंवला और बेहड़ा से मिलकर बना त्रिफला चूर्ण खाने से चिकनगुनिया के लक्षण कम होते हैं।
  • चिकनगुनिया बुखार के दौरान नॉन-वेज खाना अवॉयड करना चाहिए।
  • जितना हो सके तरल प्रदार्थ लें।
  • जिन जोड़ों में दर्द है उनसे हलकी exercise करना भी दर्द को कम करता है।

दोस्तों आज की यह पोस्ट केसी लगी कमेन्ट करके जरुर बताना।

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