Cholera in hindi || हैजा के कारण लक्षण और बचाव

By | May 9, 2018

Cholera in hindi || हैजा के कारण लक्षण और बचाव:

हैजा एक संक्रामक बीमारी है, जो आंतों को प्रभावित करती है और जिसमें पानी की तरह पतले दस्त लग जाते हैं। हैजा का इलाज समय रहते न किया जाए तो व्यक्ति में पानी की कमी हो जाती है।

हैजा फैलने के तीन समय होते है :

इनफेक्टिव पीरियड:-जब तक रोगी पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाता तथा बैक्टीरिया से मुक्त नहीं होता तब तक इनफेक्टिव पीरियड होता है।इनक्यूबेशन पीरियड:- यह समय कुछ घंटों से 5 दिन तक का होता है लेकिन आम तौर पर एक से दो दिनों का ही होता है।

इम्यूनाइजेशन:-इसके तहत हैजा के संक्रमण से बचने के लिए टीका लगाया जाता है। एक बार टीका लगने से 3 से 6 महीने तक संक्रमण से बचाव हो जाता है।

हैजा के लक्षण:

  • हैजे की शुरुआत होने पर रोगी की सांस टूटने लगती है।
  • हैजे में रोगी का शरीर ठंडा पड़ने लगता है।
  • प्रभावित व्यक्ति को अत्यधिक प्यास लगना।
  • हैजा में पेट में मरोड़ या दर्द के बिना अपने आप लगातार पतले दस्त होते हैं।
  • दस्त एकदम पतले और चावल के पानी जैसे होना।
  • आंत्रशोथ में मरीज की स्थिति एकदम नहीं बिगड़ती।
  • हैजा में रोगी की हृदय गति बढ़ जाती है।
  • प्रभावित व्यक्ति को पेशाब कम आना।
  • शरीर में निर्जलीकरण हो जाने से रक्त अम्लीय हो जाता है।

हैजा होने के कारण:

  • कच्चा व अधपका मांसाहारी भोजन के सेवन करने से |
  • दूषित पानी, भोजन, फल या दूध आदि का प्रयोग करने से।
  • खुले में की गई शौच या गंदगी पर बैठकर मक्खियां बैक्टीरिया लेकर दूसरी जगहों पर फैला देती हैं, जिससे हैजा फैलता है।

हैजा के घरेलू उपचार:

  • पुदीना हैजा के लिए रामबाण औषिधि हैं।
  • लोंग के तेल की दो-तीन बून्द चीनी या बताशे में देने से हैजा में फायदा होता है।
  • लहसुन का उबला हुआ पानी देने से हैजे के बैक्टीरिया ख़त्म होते हैं।
  • अगर हैजे के रोगी को पेशाब ना आ रहा हो तो राइ का लेप कमर पर लगाये। तुरंत पेशाब आ जायेगा।
  • एक गिलास पानी में शहद, नींबू और नमक मिलाकर पियें।
  • पानी, नींबू पानी, छाछ आदि को ज्यादा से ज्यादा पीते रहें।

तो दोस्तों आज की यह पोस्ट केसी लगी कमेन्ट करके बताओ धन्यवाद् |

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