diabetic retinopathy treatment
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Diabetic Retinopathy || डायबिटिक रेटिनोपैथी ट्रीटमेंट:

मधुमेह के मरीज यदि अपने रक्त के शुगर का स्तर संतुलित नहीं रखता है तो कुछ वर्षों में इसका असर उसके आंखों पर दिखने लगता है। मरीज डायबिटिक रेटिनोपैथी का शिकार हो जाता है।

डायबिटिक रेटिनोपैथी दो तरह के होते हैं पहला बैकग्राउंड रेटिनोपैथी दूसरा प्रोलिफरेटिव डायबिटिक रेटिनोपैथी। बैकग्राउंड रेटिनोपैथी में आंख के परदे में सूजन आने लगती है। वहां की रक्तवाहिनी फूलने लगती है। उनसे रक्त का स्राव होने लगता है। आंख के परदे के टिशु में पीले रंग का वसा जमा होने लगता है, जिसे एक्सयूडेटस कहते हैं।

डायबिटिक रेटिनोपैथी के लक्षण:

  • सुबह उठने के बाद कम दिखाई देना।
  • रेटिना से खून आना।
  • यदि रक्तस्राव की मात्रा अधिक होती है, तो पूर्ण अंधापन हो सकता है।
  • आंखों का बार-बार संक्रमित होना।
  • अचानक मकड़ी के जाल या मच्छर जैसी आकृतियां दिखायी देने लगती हैं।

डायबिटिक रेटिनोपैथी का उपचार:

  • पालक को अपने भोजन में शामिल करें
  • समय- समय पर आंखों की जांच करायें, यह जांच बच्चों में भी आवश्यक है।
  • गर्भवती महिला अगर डायबिटिक है तो चिकित्सक से संपर्क करें
  • काले अंगूर के बीजों का रस पीएं
  • खाने के साथ सलाद का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करना चाहिए |

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