Epilepsy Treatment in Hindi || मिर्गी का इलाज के उपाय

By | May 12, 2018

Epilepsy Treatment in Hindi || मिर्गी का इलाज के उपाय:

मिर्गी एक ऐसा रोग है, जिसमें व्यक्ति अचानक जमीन पर गिर कर प्रायः अर्द्ध मूर्छितावस्था में रहता है। मिर्गी तंत्रिका तन्त्र ( Nervous System ) का रोग है और इसे इंग्लिश में एपिलेप्सी ( Epilepsy ) कहा जाता है।

Epilepsy Treatment in Hindi

मिर्गी के लक्षण:

मिर्गी आने के कुछ लक्षण है जिन्हे आप आसानी से पहचान सकते है और यदि किसी व्यक्ति के शरीर में आप इन लक्षणों को देखेंगे तो उसे शयद मिर्गी का दौरा आने की बीमारी हो सकती है

  • अचानक हाथ, पैर और चेहरे के मांसपेशियों में बहुत तेज खिचाव होता है।
  • कई मरीजों को कपड़ों में पेशाब या पाखाना भी हो जाता है।
  • दौरा पड़ने पर पीड़ित की आंखें और सर बहुत तेजी से हिलने लगते है।
  • मरीज अपनी जीभ को दांतों से चबा सकता है।
  • मरीज़ के हाथ पैर बुरी तरह से अकड़ जाते है।
  • पेट में दर्द होने लगता है।
  • मुंह से झाग निकलकर बाहर बहने लगता है
  • होंठ और चेहरा नीले पड़े जाते हैं।

मिर्गी के दौरा पड़ने के कारण:

  • अधिक मानसिक दबाव या शारीरिक कार्य करना होता है
  • सिर पर चोट लगने के कारण भी हो सकती है
  • गर्भावस्था की जटिलताओं की वजह से माता को गर्भावस्था में हुए दिमागी संक्रमण
  • आनुवांशिक
  • ज्ञान तंत्रों में ग्लूकोस के कम होने
  • पाचन तंत्र में खराबी होने
  • मासिक धर्म में गड़बड़ी होने और मस्तिष्क में ऑक्सीजन की कमी होने के कारण
  • अत्यधिक तेज बुखार
  • ब्रेन ट्यूमर होने

मिर्गी रोग के घरेलू उपचार:

तुलसी:

तुलसी में काफी मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो मस्तिष्क में फ्री रेडिकल्स को ठीक करते हैं। रोजाना तुलसी के 20 पत्ते चबाकर खाने से रोग की गंभीरता में गिरावट देखी जाती है।तुलसी के पत्तों को पीसकर शरीर पर मलने से मिर्गी के रोगी को लाभ होता है।

सफ़ेद प्याज:

साथ ही रोगियों को रोजाना 1 चम्मच सफ़ेद प्याज का रस पानी के साथ पीना चाहियेंइससे उनको दौरे आने बंद हो जाते है।

फल :

जहाँ तक फलों की बात है तो उन्हें आम,अनारसंतरासेबनाशपातीअनानास और अंजीर का सेवन करना चाहियें।

  • इन्हें अपने प्रातःकाल के नाश्ते में दूध व दूध से बने पदार्थों के साथ मुंग और अंकुरित मोंठ खानी चाहियें।
  • टमाटरनीम्बूप्याज,खीरेमुलीगाजर को भी सलाद में शामिल करना चाहियें।
  • वहीं मेवों में ये काजूबादाम और अखरोट का सेवन कर सकते है।
  • बकरी का दूध मिरगी के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद होता है।
  • पाव भर बकरी के दूध में 50 ग्राम मेंहदी के पत्तों का रस मिलाकर रोज सवेरे दो हफ्ता तक पीने से मिरगी के दौरे बंद हो जाते हैं।
  • चटनी का सेवन करना चाहते है तो गाजर व पुदीने की चटनी खाएं।

प्रोटीन :

मिर्गी के रोगी को प्रोटीन और विटामिन युक्त भोजन करना चाहिए।मिर्गी के रोग से पीड़ित रोगी को सुबह के समय गुनगुने पानी के साथ त्रिफला के चूर्ण का सेवन करना चाहिए। तथा फिर सोयाबीन को दूध के साथ खाना चाहिए इसके बाद कच्ची हरे पत्तेदार सब्जियां खाने चाहिए। बकरी का दूध मिरगी के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद होता है।

तो दोस्तों आज की यह पोस्ट केसी लगी कमेन्ट करके जरुर बताना | धन्यवाद् |

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