Fever | Bukhar ka ilaj || बुखार का इलाज

By | May 12, 2018

Bukhar ka ilaj | Fever || बुखार का इलाज:

बुखार संक्रमण के खिलाफ शरीर की एक सुरक्षात्मक प्रक्रिया का हिस्सा है  सामान्यत: मानव शरीर का तापमान 37° सेल्सियस या 98.6° फारेनहाइट होता है। बुखार खुद कोई बीमारी नहीं है बल्कि एक लक्षण है जो यह दर्शाती है कि शरीर किसी संक्रमण (infection) से ग्रस्त है। दूसरे शब्दों में यह रोग प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा किसी सक्रमण से लड़ने का लक्षण है।

अगर आपको बार-बार बुखार आता है तो यह हीमोग्लोबिन की कमी से होता है। जैसा कि हम सब जानते हैं कि वाइरल बुखार, टाइयफाइड, मलेरिया, चिकेन गुनिया, डेंगू आदि बुखार के ही रूप हैं जो कभी-कभी जानलेवा भी हो जाते हैं।

बुखार के कारण:

  • दिमागी-तनाव।
  • गर्मी में लू के कारण।
  • वाइरस और बैक्टीरिया का शरीर में आना।
  • प्रजनन और मूत्र संस्थान के बुखार ।
  • मूत्र मार्ग में संक्रमण।
  • हीमोग्लोबिन का कम होना।
  • कैंसर और खून के थक्के लगना।
  • त्वचा के संक्रमण।
  • कान में संक्रमण।

बुखार के लक्षण:

  • शरीर में कंपकंपी होना।
  • मांसपेशियों में दर्द।
  • पसीना आना।
  • कमजोरी।
  • भूख न लगना। 
  • सरदर्द।

बुखार के उपचार:

पुदीना:

  • एक चम्मच पिसी हुई ताजा पुदीना की पत्तियों को एक गिलास पानी में डालकर 10 मिनट के लिए उबालें।
  • अब इसे छान लें और थोड़ा सा शहद मिला दें। इस चाय का सेवन दिन में चार बार करें।
  • आप इस में अदरक भी दाल सकते हैं।

चंदन:

  • डेढ़ चम्मच चन्दन के पाउडर में थोड़ा सा पानी डालकर पेस्ट बनायें।
  • अब इस पेस्ट को अपने माथे पर लगायें।
  • इस पेस्ट को हर तीन घंटे में बदलते रहें।

लहसुन:

  • लहसुन की एक कली को अच्छी तरह से कूटकर एक गिलास उबलते पानी में दाल दें।
  • 10 मिनट तक इसे उबलने दें और फिर एक कप में छान लें। अब इसे चाय की तरह सेवन करें।
  • इसका दिन में दो बार सेवन करने से ही आपको फयदा नजर आने लगेगा।
  • दो पिसी लहसुन की कलियों को दो चम्मच जैतून के तेल में मिलाकर गर्म करें।
  • रात को सोने से पहले इसे अपने दोनों पैरों के तलवों पर लगायें और ऊपर से कपड़ा बाँध दें
  • जिससे वह अपनी जगह बना रहे।
  • ज्यादातर मामलों में यह उपचार एक रात में ही बुखार को ठीक कर देता है।

काली मिर्च और तुलसी:

  • तेज़ बुखार में काली मिर्च और तुलसी का काढ़ा बहुत ही फायदेमंद होता है।
  • एक कप पानी में इन दोनों को कूटकर मिला दें।
  • इसे तब तक उबाले जब तक पानी आधा कप न हो जाए।
  • गरम-गरम ही मरीज को दें, मलेरिया और वाइरल बुखार में बहुत आराम मिलता है।

पपीते का पत्ता :

  • चिकेन गुनिया या डेंगू जैसे बुखार में पपीते के पत्तों को अच्छी तरह से साफ़ करके उसका रस निकालकर ले।
  • दिन में दो या तीन बार पीने से बुखार कम हो जाता है और बैक्टीरिया के प्रभाव को भी समाप्त करने में सहायक होता है।

ठंडा पानी:

  • किसी कपड़े को ठंडे पानी में भिगोकर शरीर को पोंछे।
  • इसके अलावा ठंडे पानी की पट्टियां सिर पर रखने से भी लाभ होता हे
  • और शरीर का तापमान कम होता है।
  • कपड़े को समय-समय पर बदलते रहना चाहिए।
  • सामान्य बुखार के लिए यह बेहद अच्छी प्रक्रिया है जो तापमान को बढ़ने नहीं देती।

तो दोस्तों आज की यह पोस्ट केसी लगी कमेन्ट करके जरुर बताना धन्यवाद् |

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