Goiter Disease Symptoms || घेंघा: घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

By | May 15, 2018

Goiter Disease Symptoms || घेंघा: घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज:

गलगंड यानी घेंघा रोग में गले में असमान्य सूजन दिखायी देती है। इसमें रोगी का गला में होने वाली सूजन देखने में कापी डरवानी लगती है लेकिन यह जानलेवा नहीं होता है। यह स्थिति थायराइड ग्रंथि से जुड़ी होती है। जब थायराइड ग्रंथि का आकार बढ़ जाता है तो उसे गलगंड के नाम से जाना जाता है।

आयोडीन की कमी का स्पष्ट परिणाम घेंघा रोग या गलगण्ठ है जिसमें गल-ग्रंथि फूल जाने से गले में सूजन आ जाती है, लेकिन घेंघा रोग आयोडीन की कमी के विकारों से सबसे कम खतरनाक है। यह एक पुराना विश्वव्यापी रोग है। कई देशों ने इस पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया है।

Goiter Disease Symptoms

Goiter Disease Symptoms

घेंघा रोग के लक्षण:

  • ऐसे रोगी को हर समय आलस्य और उदासी महसूस होती रहती है।
  • कफज घेंघा   थोड़ी दर्द होने वाला, छूने में ठंडा, आकार में बड़ा तथा ज्यादा खुजली वाला होता है।
  • कफज घेंघा  होने पर जहाँ पैदा होता है उस स्थान की खाल के रंग जैसा ही होता है।
  • मेदज घेंघा होने पर खुजली वाला, बदबूदार, पीले रंग की, छूने में मुलायम तथा बिना दर्द का होता है।
  • मेदज घेंघा होने पर रोगी का मुंह तेल की तरह चिकना होता है तथा उसके गले से हर समय घुर्र-घुर्र जैसी आवाज निकलती रहती है।
  • वातज घेंघा होने पर गर्दन में सूजन और सुई के चुभने जैसा दर्द।
  • वातज घेंघा होने पर गला और तालु सूखा रहता है।
  • भूख लगनी बंद हो जाती है और उच्च रक्तचाप का रोग भी हो जाता है।
  • घेंघा रोग होने का मतलब है कि थायराइड ग्लैंड एब नार्मल तरीके से बढ़ रही है।

Goiter Causes || घेंघा रोग के कारण:

  •  खाने में आयोडीन की कमी से भी घेंघा रोग होता है।
  • घेंघा रोग में दूध से बने हुई पदार्थ, ईख के पदार्थ, खट्टी-मीठी चीजें, भारी।
  • तथा देर में पचने वाली चीजें, ज्यादा मीठी खाने वाली चीजें, मोटापा बढ़ाने वाला भोजन।
  • और ज्यादा रस वाले पदार्थ हानिकारक हैं।

Goiter Treatment || घेंघा रोग के उपचार:

  • अरंडी की जड़ को पीसकर चावल के पानी में मिलाकर सुबह शाम लेप करने से घेंघा रोग (Goiter Disease) ठीक हो जाता है।
  • लौकी के पके हुए फल में पानी भरकर एक सप्ताह तक रखे रहने दें। उसके बाद पीने से घेंघा रोग समाप्त हो जाता है।
  • 1 बड़ा चम्मच शहद को 1 कप पालक के रस में मिलाकर चुटकी भर जीरे का चूर्ण मिलाकर।
  • प्रतिदिन रात को  सोने से पहले सेवन करने से थाइराइड रोग बिलकुल ठीक हो जाता है।
  • पीपल और थूहर का लेप करने से मेदज घेंघा मोटापे की वजह से गले की गांठे ठीक हो जाती हैं।
  • खाने में हमेशा आयोडीन वाला नमक खाने से घेंघा रोग में बहुत लाभ मिलता है।
  • बर्फ की थैली को गले और हृदय के क्षेत्र में 20 से 30 मिनट के लिए रखें।
  • फूले हुए हिस्से पर अलसी के बीजों को पीसकर बनाया हुआ लेप लगाएँ और आधा घंटे बाद धोएँ।

तो दोस्तों आज की यह पोस्ट केसी लगी कमेन्ट करके जरुर बताना धन्यवाद् |

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