Heat Stroke In Hindi || लू लगने के लक्षण, कारण और उपचार

By | May 20, 2018

Heat Stroke In Hindi || लू लगने के लक्षण, कारण और उपचार:

गर्मीयों में ज्यादा धुप होने के कारण होने वाली बीमारी को ही लू कहा जाता है सबसे बड़ी समस्या होती है लू लगना। अंग्रेजी भाषा में इसे हीट स्ट्रोक (Heat Stroke) कहते हैं। गर्मी में उच्च तापमान में ज्यादा देर तक रहने से या गर्म हवा के झोंकों से संपर्क में आने पर लू (Loo) लगने का डर अधिक होता है। गर्मियों में लू लगना आम बात है

जिसमें पीड़ित व्यक्ति के शरीर का तापमान अत्यधिक धूप या गर्मी की वजह से बढ़ने लगता है। शरीर से ज्‍यादा पसीना निकलने की वजह से शरीर का तापमान बढ जाता है और उसे हीट स्‍ट्रोक हो जाता है। इस दौरान व्‍यक्‍ति को भूख कम लगती है, सिरदर्द, थकान, चक्‍कर, डीहाइड्रेशन और बुखार आ जाता है।

heat stroke in hindi

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Heat Stroke Symptoms || लू लगने के लक्षण:

  • आपको चक्कर आने लगे या उलटी मितली जैसा लगे।
  • अचनाक शरीर का तापमान बढ़ जाना।
  • सिर में तेज दर्द होना।
  • नाड़ी तथा सांस की गति तेज होना।
  • त्वचा पर लाल दाने।
  • बार-बार पेशाब आना।
  • आँखें में भी जलन होना।
  • स्नायु की कमजोरी या ऐंठन।
  • हाथ और पैरों के तलुओं में जलन-सी होती रहती है।

Heat Stroke Causes || लू लगने के कारण:

  • हीट स्ट्रोक तेज धूप या अत्यधिक गर्मी/तापमान के कारण होता है।
  • निर्जलीकरण, थाइरोइड में असंतुलन पैदा होना।
  • बहुत ज्यादा गर्मी में बाहर जाना।
  • हीट स्ट्रोक का तुरंत इलाज ना कराने पर मस्तिष्क, हृदय, गुर्दे और मांसपेशियों को नुकसान पहुंच सकता है।
  • शराब के सेवन से, उच्च रक्तचाप या अवसाद आदि के कारण।
  • गर्मी में विभिन्न दवाइयों का सेवन करने वाले व्यक्तियों को भी लू लगने का डर होता है।
  • ऐसी दवाएं जो रक्त धमनियों (ब्लड वेसल्स) को संकीर्ण करें।
  • एड्रेनालाईन के रास्ते में अवरुद्ध पैदा कर रक्तचाप को नियंत्रित करें।
  • शरीर से सोडियम और पानी को बाहर निकालें और एंटीडिप्रसेंट्स हों, लू लगने के खतरे को और बढ़ाती हैं।

Heat Stroke Treatment || लू लगना का उपचार:

प्‍याज:

शरीर की गर्मी को उतारने के लिये प्‍याज उपयोगी होता है। कटे हुए प्‍याज को जीरे के साथ भून लीजिये। इसका सेवन करने से पाचन क्रिया सही होगी जो कि गर्मी की वजह से बढ जाती है।

कच्चे आम का रस:

कच्चे आम का रस मानव शरीर का तापमान कम करने में बहुत हीं प्रभावकारी माना जाता है। कच्चे आम का गुदा आपके शरीर में इलेक्ट्रोलाईट बहाल करने में बहुत हीं मददगार होता है।

फलों का रस पियें:

फलों का रस पियें चाय-कॉफ़ी की बजाये आप फलों के रस पिया करें अथवा गन्ने का जूस पिया करें। नारियल का पानी पीना भी गर्मी के दिनों में बहुत लाभ पहुंचता है और हीट स्ट्रोक से बचाता है।

ऐलोवेरा जूस:

ऐलोवेरा में सिर्फ एंटी बैक्टीरियल गुण ही नहीं होते हैं, बल्कि यह शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता को भी मजबूत करता है। लू लगने पर इसके जूस पीने से शरीर मेंम न सिर्फ ठंडक पहुंचती है बल्कि यह रोग से लड़ने की ताकत भी देता है।

नींबू पानी:

नींबू में विटामिन सी और इलेक्ट्रोलाइट्स पाए जाते हैं जो हमें हीट स्ट्रोक्स से बचाते हैं।

नारियल पानी:

गर्मियों के लिए  हेल्दी पेय है नारियल पानी।  कैलोरी भी नहीं और ताजगी 100 फीसदी। यह शरीर के तापमान को भी कम करता है।

इमली पानी:

इमली पानी में इमली डाल कर उबाल लीजिये, 15 मिनट के बाद इसे मैश कीजिये और छान कर उसमें नमक और पानी मिलाइये। इससे गर्मी का बुखार सही हो जाता है।

तो दोस्तों आज की यह पोस्ट केसी लगी कमेन्ट करके जरुर बताना धन्यवाद् ।

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