Hepatitis in Hindi || हेपेटाइटिस बी का रामबाण इलाज

By | May 21, 2018

Hepatitis in Hindi || हेपेटाइटिस बी का रामबाण इलाज:

हैपेटाइटिस लिवर में होने वाली बीमारी है और पीलिया इसका एक लक्षण है। खून में जब बिलीरुबिन की मात्रा बढ़ जाती है, तब पीलिया होता है। लिवर (यकृत) पर सूजन आने को हेपेटाइटिस कहते हैं। यह मुख्यतः दो प्रकार टाइप ‘ए’ और टाइप ‘बी’ का होता है।

हेपेटाइटिस की दो अवस्थाएं होती हैं, पहली, प्रारंभिक यानि की एक्यूट और दूसरी पुरानी अर्थात क्रॉनिक। हेपेटाइटिस की प्रारंभिक अवस्था शुरू के तीन महीनों तक रहती है। लेकिन यदि छः माहिनों तक इसका इलाज नहीं हो तो यह क्रॉनिक हेपेटाइटिस की रूप ले लेती है।Hepatitis in Hindi

हेपेटाइटिस ए क्या है?

हेपेटाइटिस ए’ एक विषाणु जनित रोग है। इसमें लिवरमें सूजन हो जाती है और ऐसा इस बीमारी के विषाणु के कारण होता है। इसे वायरल हेपेटाइटिस भी कहते हैं। जब लिवर रक्त से बिलीरूबिन को छान नहीं पाता है तो हेपेटाइटिस होता है। हालांकि हेपेटाइटिस के सभी रूपों में हेपेटाइटिस ए सबसे कम गंभीर है। यह संक्रामक रोग है

हेपेटाईटिस बी क्या है ?

हेपेटाईटिस बी विश्व का सबसे अधिक सामान्य लीवर / यकृत का संक्रमण है। यह हेपेटाईटिस बी वाईरस (HBV) के कारण होता है, जो लीवर/यकृत पर हमला करते है और उसे क्षति पहुँचाता है। यह रक्त द्वारा, असुरक्षित यौन संबंध द्वारा, दूसरों के लिए उपयोग की गई सूई या एक ही सुई कई लोगों के लिए उपयोग में लाई जाए उस से और संक्रमित माता द्वारा नवजात शीशु में, गर्भावस्था के दौरान या प्रसूति के दौरान हस्तांतरितहोती है ।

Hepatitis Symptoms || हैपेटाइटिस के लक्षण:

  • बदन दर्द।
  • पाचन समस्याओं जैसे उल्टी, भूख में कमी
  • अत्यधिक कमजोरी व थकान
  • आंख, जीभ, मूत्र व त्वचा में पीलापन
  • जब रोग और बढ़ जाता है तो पैरों में सूजन बढ़ जाती है
  • तथा जोड़ों में भी दर्द रहता है।

हैपेटाइटिस ऐ और बी के बचाव:

  • शराब ना पिएं।
  • साफ सफाई का विशेष ख्याल रखें और हेपेटाइटिस ए का टीका जरूर लगवाएं।
  • लिवर को स्वस्थ रखने के लिए साफ-सुथरा भोजन और साफ पानी जरूरी है।
  • शौच आदि से निवृत्त होकर हाथ अच्छी तरह से धोएं।
  • अधिक तेल, घी, हल्दी और मिर्च मसाले का भोजन न करें।
  • रक्त चढ़ाने पर इस बात का विशेष ध्यान रखें कि नई सुई हो और रक्त संक्रमित न हो।
  • हेपेटाइटिस ए से ग्रस्त लोगों के संपर्क में रहने वाले लोग इम्यून ग्लोब्युलिन जरूर लें।
  • घाव होने पर उसे खुला न छोड़ें। यदि त्वचा कट फट जाए तो उस हिस्से को डिटॉल से साफ करें।
  • नारियल पानी, चावल, दही या छाछ, उबले आलू और छैने वाला रसगुल्ला खाएं।
  • हैपेटाइटिस ए का टीका जरूर लगवाना चाहिए।

हेपेटाइटिस के लिए घरेलू उपचार:

आंवला:

आंवला विटामिन सी से भरपूर होता है जो लीवर को हर तरह से फायदा पहुंचाता है। जिससे इम्यूनिटी बढ़े और पाचन शक्ति मजबूत हो।

काली गाजर:

काली गाजर के भी बहुत फायदे हैं। विटामिन से भरपूर काली गाजर से खून की कमी पूरी होती है तथा रक्त संचार सुधरता है। हेपेटाइटिस में भी गाजर को सलाद के रूप में खाने से बहुत फायदे होते हैं।

अजवायन और जीरा:

एक चम्मच अजवायन और एक चम्मच जीरा पीसकर पाउडर बना लें। इसमें एक चुटकी नमक मिलाएं। इस चूरन को रोजाना दो बार खाएं। इससे इम्यूनिटी बढ़ेगी और हेपेटाइटिस में आराम होगा।

तो दोस्तों आज की यह पोस्ट केसी लगी कमेन्ट करके जरुर बताना धन्यवाद् ।

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