Indigestion in Hindi || अपच का घरेलू उपचार

By | May 22, 2018

Indigestion in Hindi || अपच का घरेलू उपचार:

पाचन तंत्र में किसी गड़बड़ी के कारण भोजन न पचने को अपच या अजीर्ण कहते हैं। यह खुद में कोई रोग नहीं है परन्तु इसके कारण कई गंभीर रोग हो सकते है या यह किसी गंभीर रोग का लक्षण हो सकता है।

कई बार समय-असमय भोजन करने से, कभी भी व कहीं भी कुछ भी खाने-पीने तथा बार-बार खाते रहने से पहले खाया हुआ भोजन ठीक से पच नहीं पाता है।

अगर पेट खराब हो तो। अपच के लिए आमतौर पर आपके किचन में ही ऐसी चीजें मौजूद हैं जिनसे अपच से आराम आसानी से मिल सकता है। इनका कोई साइड इफेक्ट है।Indigestion in Hindi

Indigestion Symptoms || अपच के लक्षण:

  • बेचैनी।
  • जी मिचलाता है।
  • पेट में गैस बनना।
  • नींद नही आना।
  • पेट में भारीपन महसूस होता है।
  • कभी-कभी घबराहट भी हो जाती है।
  • खट्टी-खट्टी डकारें आती हैं।
  • छाती में तेज़ जलन होती है।
  • रोगी को भूख नहीं लगती।
  • पेचिश से भरा द्रव शौच के साथ बाहर आना।
  • कभी-कभी दस्त भी हो जाते हैं।

Indigestion Causes || अपच के कारण:

  • चिंता या डिप्रेशन।
  • मोटापा, अल्सर।
  • पेट का संक्रमण।
  • बहुत ज्यादा शराब पीना।
  • थाइरोइड बीमारी।
  • उच्च वसा वाले खाद्य पदार्थ खाने।
  • धुम्रपान और कुछ मेडिसिन्स के साइड इफेक्ट्स के कारण।
  • भूख से अधिक भोजन लेने के कारण।
  • मल-मूत्र का वेग रोकने और अधिक सोने से भी अजीर्ण की शिकायत हो जाती है।

Indigestion Treatment || अपच का उपचार:

  • भूख से ज्यादा भोजन नही करना चाहिए
  • भोजन करने के तुरंत बाद लेटना या बैठना नही चाहिए
  • शराब का सेवन या धूम्रपान नही करना चाहिए
  • ज्यादा मिर्च, मसाले वाले भोजन का सेवन नही करना चाहिए
  • मूली, पालक, मेथी, लौकी, तोर, परवल आदि का सेवन करें।
  • मन में क्रोध, ईर्ष्या, तनाव, आदि नकारात्मक विचारों को बिलकुल न आने दें।

अपच का घरेलू उपचार:

अजवायन:

सौंठ और अजवायन को मिलाकर पाउडर बनाएं। एक चम्मच पाउडर में काली मिर्च मिलाएं और गर्म पानी के साथ पीएं। इस पेय को दिन में एक या दो बार पी सकते हैं। अजवायन के दानों को मुंह में रखकर चबाने से भी आराम मिलता है।

सौंफ के बीज:

सौंफ में वोलेटाइल आयल होता है जो जी मचलने और पेट फूलने की समस्या को ठीक करता है। सूखे सौंफ के बीजों को पीसकर छान लें। इस पाउडर को एक चम्मच लेकर पानी के साथ सेवन करें। इस नुस्खे को दिन में दो बार करें।

ग्रीन टी:

खाने के आधे घंटे बाद ग्रीन टी लें। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स संक्रमण से लड़ने की क्षमता बढ़ाते हैं और अपच दूर होता है।

सौंफ:

सौंफ हमेशा पाचन क्रिया को सुधारने में फायदेमंद रही है। अपने पेट को शांत रखने के लिए खाने के बाद थोडी सी सौंफ अपने मुंह में डालें व इसे अच्छे से चबाकर खाएं।

सेब का सिरका:

अपच से राहत के लिए एक चम्मच कच्चे और अनफिल्टर्ड सेब के सिरके को एक कप पानी में मिलाएं। इसके बाद इसमें एक चम्मच कच्चा शहद मिलाएं। इस पेय को दिन में दो से तीन बार पीएं। अपच से राहत मिलेगी।

धनिया:

पाचन एंजाइम के उत्पादन को बढ़ाता है और पेट को शांत रखता है। एक चम्मच भुने हुए धनिया के बीजों के पाउडर को एक गिलास छाछ में घोलकर पियें। ऐसा दिन में दो बार करें। पेट में एसिडिटी को कम करने के लिए धनिया के हरे पौधे के पत्तियों का रस तैयार करें और इसे छाछ में डालकर सेवन करें।

अदरक:

अदरक के कतरे को नमक लगाकर चूसें। इसके जूस से अपच की समस्या में आराम होता है और पाचन प्रक्रिया ठीक रहती है।

तो दोस्तों आज की यह पोस्ट केसी लगी कमेन्ट करके जरुर बताना धन्यवाद्।

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