Muscle Pain Treatment in Hindi || मांसपेशियों में दर्द के उपचार

By | May 24, 2018

Muscle Pain Treatment in Hindi || मांसपेशियों में दर्द के उपचार:

मांसपेशियों में दर्द (Muscle Pain) एक आम समस्या है। वैसे तो मांसपेशियों का दर्द किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है, लेकिन तीस से चालीस वर्ष की आयुवर्ग के युवाओं में यह समस्‍या तेजी से बढ़ रही है। मांसपेशियों में जरूरत से ज्‍यादा दबाव पड़ने के कारण उनमें दर्द होता है।

मांसपेशियों में खिंचाव या झटका लगने से वो सिकुड़ जाती हैं, जिससे उनमें रक्त प्रवाह ठीक से नहीं हो पाता और दर्द महसूस होता है। सही तरीके से दर्द वाली जगह पर मसाज करने से रक्त प्रवाह में सुधार होता है।Muscle Pain

मांसपेशियों में दर्द के लक्षण || Muscle Pain Symptoms:

  • शारीरिक कमजोरी होना
  • चलने-फिरने, उठने-बैठने में दिक्कत होना
  • नींद न आना।
  • कमजोरी के कारण बीमार जैसा महसूस करना

मांसपेशियों में दर्द के कारण || Muscle Pain Causes:

  • गलत खान पान होना
  • अधिक शारीरिक परिश्रम का होना
  • थकान या मांसपेशियों में चोट लगना
  • मलेरिया या डेंगू होना
  • संक्रमण होना
  • अनियमित जीवन शैली सबसे बड़ा कारण है।
  • शारीरिक परिश्रम या कठोर श्रम के कारण तनाव
  • शरीर में पोटेशियम या कैल्शियम की मात्रा कम होना

मांसपेशियों में दर्द के घरेलू उपाय:

प्रोटीन:

प्रोटीन की कमी से भी मांसपेशियों में दर्द होने लगता है। भारी-भरकम शारीरिक गतिविधियों के बाद शरीर में ऊर्जा के स्‍तर को बनाये रखने के लिए मांसपेशियों को प्रोटीन की जरूरत होती है। ऐसे में प्रोटीनयुक्त प्राकृतिक खाद्य उत्पादों का सेवन करना चाहिए।

ऑयल:

मसल पेन में राहत के लिए कैमोमाइल, पेपरमिंट, लेवेंडर आदि तेल में एक या दो चम्मच, नारियल या ऑलिव ऑयल मिलाकर प्रभावित स्थान पर लगाना चाहिए।

मिर्च:

नारियल या जैतून के तेल में एक चम्मच लाल मिर्च का पाउडर मिलाकर गर्म करें फिर उसे ठंडा होने दें। बाद में दर्द वाले स्थान पर लगायें। आप का दर्द ठीक हो जाएगा।

मसाज:

मांसपेशियों में खिंचाव या झटका लगने से वो सिकुड़ जाती हैं, जिससे उनमें रक्त प्रवाह ठीक से नहीं हो पाता। सही तरीके से दर्द वाली जगह पर मसाज करने से भी राहत मिलती है। इससे रक्त प्रवाह में सुधार होता है।

खूब पानी पिएं:

एक्सरसाइज करते वक्त या फिर किसी दूसरी शारीरिक गतिविधि में खूब पसीना निकलता है। कैफीन उत्पादों और अल्कोहल के सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि इससे डिहाइड्रेशन हो सकता है।

आराम:

यदि शरीर में अकड़न महसूस हो तो कम से कम दो दिन आपको शरीर को पूरी तरह आराम देना चाहिए। इससे शरीर हल्का महसूस करता है और तनाव कम होता है जिसका सीधा असर मांसपेशियों पर भी पड़ता है।

एक्‍सरसाइज:

नियकित एक्‍सरसाइज से इस समस्‍या से बचा जा सकता है। नियमित व्यायाम करने से रक्त वाहिनियों की सक्रियता बरकरार रहती है। नियमित व्यायाम भले ही लोगों को महत्वपूर्ण न महसूस हो लेकिन इसकी वजह से रक्त की आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने में बहुत मदद मिलती है।

कंप्रेस:

मांसपेशियों में भीषण खिंचाव की स्थिति में कंप्रेस का इस्तेमाल काफी आवश्यक है। आप ठंडी या गर्म में से कोई भी कंप्रेस चुन सकते हैं। मांसपेशियों में दर्द के हिसाब से ही कंप्रेस चुनें।

सेब का सिरका:

एक गिलास पानी में थोडा सा सेब का सिरका मिलाकर पीने से मांसपेशियों की दर्द से राहत मिलती है। इसके अतिरिक्त आप एक गिलास पानी में दो चम्मच सिरका, एक चम्मच शहद, कुछ पुदीने की पत्तियाँ मिलाकर भी पी सकते हो।

तो दोस्तों आज की यह पोस्ट केसी लगी कमेन्ट करके जरुर बताना धन्यवाद्।

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