Nausea in hindi || उल्टी की भावना || उबकाई

By | May 25, 2018

Nausea in hindi || उल्टी की भावना || उबकाई:

उल्टी होने का एहसास मात्र है। कुछ लोगों को मितली ज्यादा आती है। विशेषकर यात्रा के समय कुछ लोगों को उबकाई की समस्या होती है। जी घबराने के कई कारण हो सकते है। पेट की खराबी से लेकर, उल्टी, दस्त भी गंभीर हालत का आम लक्षण हो सकता है। यदि आप ऐसे लक्षण महसूस करते है, तो कुछ ऐसे प्राकृतिक उपचार हैं, जिनसे इन लक्षणों से राहत मिल सकती है।

गर्मी के मौसम में उल्टी आने की संभावना अधिक रहती है, फूड प्वाइजनिंग के कारण या दूसरी बीमारी के कारण भी उल्टी आती है। अगर अधिक उल्टी आ रही है तो इसका तुरंत उपचार करना चाहिए नहीं तो इसके कारण शरीर में पानी की कमी होने लगती है।Nausea in hindi

Nausea Symptoms ||उबकाई के लक्षण:

  • चक्कर आना।
  • बेहोशी।
  • शुष्क मुंह।
  • दिल की धड़कन बढ़ जाती है।
  • पसीना आने लगता है।
  • दस्त, बुखार।
  • पेट में दर्द और कम पेशाब।

Nausea Causes || उबकाई के कारण:

  • कभी कभी ऍक्सिडेंट या गंदगी बदबू के कारण भी मितली आ सकती है।
  • खाद्य एलर्जी और खाद्य विषाक्तता भी मितली का कारण बन सकती है।
  •  जन्म नियंत्रण की गोलियाँ सहित कई दवाएं मतली का कारण बन सकती हैं।
  • मस्तिष्क सिरदर्द, सिर की चोट और मस्तिष्क ट्यूमर के कारण भी मतली हो सकती है।
  • यह मोतियाबिंद का भी एक लक्षण हो सकता है। गति बीमारी भी मतली का कारण हो सकती है।

उबकाई के लिए घरेलू उपाय:

चावल का पानी:

एसिडिटी और गैस के कारण भी उल्टी आती है। ऐसे में सफेद चावल का पानी बहुत फायदेमंद होता है, क्योंकि इसमें स्टार्च अधिक होता है और यह जल्दी पच जाता है। इसके लिए एक कटोरी चावल को 2-3 कटोरी पानी के साथ उबाल लीजिए। पकने के बाद इसका पानी अलग कर लें। अब इस पानी में हल्का नमक डाल कर इसे पी लें।

जीरा एवं शहद:

एक बड़ा चम्मच जीरा ले, एवं उसे पीसकर पाउडर बना लें। इसे एक चम्मच शहद में मिलाएँ। तुरन्त राहत के लिए दिन में तीन बार इसे खाएँ। यदि बार-बार उल्टी आ रही हो, तो हर तीन घण्टे में इस मिश्रण को लेना पड़ेगा। यह बात ध्यान रहे कि इसका छः बार से अधिक प्रयोग करने पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

 पुदीना:

पुदीना में एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं साथ ही यह इम्यनिटी को भी बढ़ाता है। मतली या जी मिचलाने की समस्या से राहत के लिए पुदीने की पत्तियां चबाई जा सकती हैं। इसके अलावा पुदीने की चाय बनाकर पीना या कैंडी खाना भी लाभप्रद होता है।

नींबू का रस:

नींबू में मौजूद सिट्रिक एसिड पेट में बनने वाले एसिड को बेअसर करने में मदद करता है। मतली की समस्‍या होने पर पानी में नींबू का रस और नमक मिलाकर इस्‍तेमाल कर सकते हैं। नींबू और शहद को मिलाकर चाटने से मतली का एहसास होना बंद हो जाता है।

करी पत्ते:

कुछ करी पत्तों को मसल कर उसका Juice निकालें। थोड़ा Lemon juice एवं Sugar मिलाएँ। इस एक चम्मच जितने मिश्रण को तब-तब उपयोग में लें, जब जी मिचलाएं ।

अदरक:

अदरक का छोटा टुकड़ा चबाने पर भी फायदा होता है। अदरक से पाचन तंत्र भी मजबूत होता है। एक चम्मच अदरक के रस में 1 चम्मच नींबू का रस मिलाकर इसे दिन में कई बार पियें। इसके अलावा अदरक वाली चाय- में थोड़ी सी शहद डालकर पीने से फायदा होता है।

तो दोस्तों आज की यह पोस्ट केसी लगी कमेन्ट करके जरुर बताना धन्यवाद्।

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