Osteoporosis in hindi || ऑस्टियोपोरोसिस के घरेलू उपचार

By | May 25, 2018

Osteoporosis in hindi || ऑस्टियोपोरोसिस के घरेलू उपचार:

ऑस्टियोपोरोसिस एक ऐसी शांत प्रकृति की बीमारी है जिसके लक्षण सामान्यत: जल्दी से दिखाई नहीं देते हैं। शरीर में कैल्शियम की कमी होना ऑस्टियोपोरोसिस का प्रमुख कारण है।

इस बीमारी का उम्रदराज लोगों को अधिक सामना करना पड़ता है। 50 साल की उम्र के बाद हर तीन में एक महिला को यह समस्या होती है। ये समस्या पुरुषों की तुलना में महिलाओं को अधिक होती है। आंकड़े बताते हैं कि पूरी दुनिया में हर तीन में से एक महिला और हर पांच में से एक पुरुष को ऑस्टियोपोरोसिस के कारण फ्रैक्चर होने का जोखिम बना रहता है।

यह रोग शरीर में वात के बिगड़ने से होता है। वात प्रकृति में ठंडा तथा रुक्ष होता है, इसलिए इसे नियंत्रित करने के लिए कफ के स्निग्ध गुण का उपयोग किया जाता है। व्यक्ति को दिन में 3 से 4 बार प्राकृतिक कॅल्षियम युक्त आहार का सेवन करना चाहिए।Osteoporosis in hindi

Osteoporosis Symptoms || ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षण:

  • खासकर सुबह के वक्त कमर में दर्द होना।
  • इसकी शुरुआत में तो हड्डियों और मांसपेशियों में हल्का दर्द होता है।
  • खासतौर पर पीठ के निचले हिस्से और गर्दन में हल्का सा भी दबाव पड़ने पर दर्द तेज हो जाता है।
  • समस्या बढ़ने पर छोटी-सी चोट फ्रैक्चर की वजह हो सकती है।
  • शरीर में बार-बार दर्द होना।
  • अगर बहुत जल्दी थक जाते हों।

Osteoporosis Causes || ऑस्टियोपोरोसिस के कारण:

  • व्यायाम न करना से।
  • बढ़ती उम्र के कारण।
  • धूम्रपान करने से।
  • डायबिटीज होने।
  • थाइरॉयड तथा शराब का सेवन।
  • जो अत्यधिक दुबले होते हैं उन्हें भी इस बीमारी से बचकर रहना चाहिए।
  • ऐसी बीमारियाँ जहाँ मरीज को स्टेराइड व हार्मोन की दवाइयाँ लेनी पड़े।
  • उन दवाइयों के कारण भी कई बार यह बीमारी सामने आ जाती है।
  • ज्यादा नमक खाने से।
  • महिलाओं में जल्दी पीरियड्स खत्म होने से।
  • परिवार में आनुवांशिक कारणों से भी यह रोग अधिक होने की संभावना बढ़ जाती है।

ऑस्टियोपोरोसिस सामान्य उपचार:

  • दूध, दही, पनीर व अंडे का सेवन करना चाहिए।
  • नियमित व्यायाम करना चाहिए।
  • भारी वस्तुओं को उठाते या ले जाते समय सहायता लें।
  • मजबूत जूते पहनें खासकर ठण्ड या बारिश के दौरान।
  • ये निश्चित करें कि आपके आहार में पर्याप्त कैल्शियम और विटामिन डी है।
  • सुबह की धूप में खड़ा रहना लाभदायक होता है।
  • नाश्तें में ऋतु अनुसार ताज़ें फलों का सेवन करना चाहिए।
  • दूध, दही, पनीर व अंडे का सेवन करना चाहिए।
  • शराब और किसी अन्य नशे से दूर रहना चाहिए।
  • शारीरिक रूप से सक्रिय रहें।
  • और सप्ताह के अधिकतर दिनों में वजन-वहन करने वाले व्यायाम करें।

नारियल का तेल:

एक्सपर्ट की मानें तो अपने आहार में नारियल तेल को शामिल करने से हड्डियों  का घनत्व बढ़ता है। साथ ही एस्ट्रोजन की कमी भी पूरी होती है।

बादाम का दूध:

बादाम के दूध में कैल्श्यिम की उच्च मात्रा होती है। इसलिए बादाम का दूध ऑस्टियोपोरोसिस के बेहद अच्छा उपचार है। बादाम के दूध में हड्डियों के लिए जरूरी तत्व मैग्नीशियम,  मैगनीज और पौटेशियम भी शामिल होते हैं। ऐसे में रोज एक गिलास बादाम वाला दूध नियमित रूप से पीएं।

तो दोस्तों आज की यह पोस्ट केसी लगी कमेन्ट करके जरुर बताना धन्यवाद् ।

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