Paschimottanasana || पश्चिमोत्तानासन योग: विधि, लाभ, सावधानी

By | May 20, 2018

Paschimottanasana || पश्चिमोत्तानासन योग: विधि, लाभ, सावधानी:

पश्चिमोत्तानासन दो शब्द मिल कर बना है -‘पश्चिम’ का अर्थ होता है पीछे और ‘उत्तांन’ का अर्थ होता है तानना। इस आसन के दौरान रीढ़ की हड्डी के साथ शरीर का पिछला भाग तन जाता है जिसके कारण इसका नाम पश्चिमोत्तानासन दिया गया है।

कुंडलिनी जागरण और मेरुदंड को लचीला बनाने में इस आसन के बराबर कोई भी आसन नहीं है | पेट की चर्बी कम करने एवं पैर की मांसपेशियां मजबूत करने में भी यह आसन लाभदायक सिद्ध होता है। Paschimottanasana1

पश्चिमोत्तानासन के लाभ:

  • यह बवासीर में लाभकारी है।
  • इसको करने से हमारा क्रोध शांत हो जाता है।
  • पेट पर जमा चर्बी को कम करने में लाभदायक है।
  • इस आसन के द्वारा हमारी लंबाई बढ़ती है।
  • यह आसन अनिद्रा रोग में लाभदायक है।
  • इससे कब्ज रोग दूर होता है।
  • इसको करने से हमारी पीठ का दर्द ठीक हो जाता है ।
  • इस आसन के अभ्यास से त्वचा रोगों को दूर करने में सहायता मिलती है।
  • मधुमेह रोग में भी इस आसन को करने से लाभ मिलता है।
  • इस आसन के द्वारा हमारी लंबाई बढ़ती है।
  • बच्चे को जन्म देने के बाद महिलाओं के लिए यह आसन बहुत फायदेमंद होता है।
  • अगर आपको अपनी पेट की चर्बी कम करनी हो तो इस आसन का नियमित अभ्यास करें।

पश्चिमोत्तानासन योग की विधि:

  • जमीन पर बैठ कर पैर सीधे लम्बवत रखें।
  • श्वास को छोड़े, अब सामने की तरफ झुकते हुए दोनों हाथों की अँगुलियों से दोनों पैरो के अंगूठे को छूने की कोशिश करे।
  • ध्यान दे पैरो को बिलकुल सीधा रखना है, अर्थात पैरो को तान कर रखना है।
  • घुटनों को ऊपर न उठने दें।
  • अब धीरे-धीरे सिर को घुटनों से स्पर्श करवाने की कोशिश करे।
  • सिर को घुटनों से स्पर्श करवाते समय कमर को सीधी रखने की कोशिश करे।
  • अत: निरंतर अभ्यास करते रहने से अपने-आप ही कमर सीधी और सिर घुटनों से छूने लगेगा।
  • इस स्थिति में आने के बाद पुन: मूल अवस्था में लौट आये।
  • मूल अवस्था में आते समय श्वास अन्दर ले।

पश्चिमोत्तानासन की सावधानियां:

  • अस्थमा और डायरिया की समस्या से ग्रसित लोगों को यह आसन करने से बचना चाहिए।
  • अगर आपुको कमर में चोट लगी है तो यह आसन करने से बचना चाहिए।
  • योगा एक्सपर्ट की देखरेख में रही यह योगासन करना चाहिए।
  • प्रेग्नेंट महिलाओं को यह योगासन करने से बचना चाहिए।
  • अगर आपके हैं मस्ट्रिंग बहुत ज्यादा टाइट हैं तो ज्यादा नहीं झुकना चाहिए।
  • जब आपके हैमस्ट्रिंग में सुधार आने लगे तो थोड़ा झुकना शुरु करना चाहिए।

तो दोस्तों आज की यह पोस्ट किसी लगी कमेन्ट करके जरुर बताना धन्यवाद्।

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