Piles: Badi Bawaseer ka ilaj || बवासीर का अचूक इलाज

By | May 25, 2018

Piles: Badi Bawaseer ka ilaj || बवासीर का अचूक इलाज:

बवासीर एक असाध्य रोग है। इसे हेमोरहोयड्स, पाइल्स या मूलव्याधि भी कहते हैं। बवासीर को आयुर्वेद में अर्श यानि दीर्घकालीन प्राणघातक बीमारी कहा जाता है।

बवासीर 2 प्रकार की होती है। आम भाषा में इसको ख़ूँनी और बादी बवासीर के नाम से जाना जाता है। कही पर इसे महेशी के नाम से जाना जाता है।Piles

खूनी बवासीर :- खूनी बवासीर में किसी प्रकार की तकलीफ नही होती है केवल खून आता है। पहले पखाने में लगके, फिर टपक के, फिर पिचकारी की तरह से सिफॅ खून आने लगता है। इसके अन्दर मस्सा होता है। जो कि अन्दर की तरफ होता है फिर बाद में बाहर आने लगता है। टट्टी के बाद अपने आप से अन्दर चला जाता है। पुराना होने पर बाहर आने पर हाथ से दबाने पर ही अन्दर जाता है। आखिरी स्टेज में हाथ से दबाने पर भी अन्दर नही जाता है।

बादी बवासीर :- बादी बवासीर रहने पर पेट खराब रहता है। कब्ज बना रहता है। गैस बनती है। बवासीर की वजह से पेट बराबर खराब रहता है। न कि पेट गड़बड़ की वजह से बवासीर होती है। इसमें जलन, दर्द, खुजली, शरीर मै बेचैनी, काम में मन न लगना इत्यादि। टट्टी कड़ी होने पर इसमें खून भी आ सकता है। इसमें मस्सा अन्दर होता है। मस्सा अन्दर होने की वजह से पखाने का रास्ता छोटा पड़ता है और चुनन फट जाती है और वहाँ घाव हो जाता है उसे डाक्टर अपनी भाषा में फिशर भी कहते हें। जिससे असहाय जलन और पीड़ा होती है।

Piles Symptoms || बवासीर के लक्षण :

  • दर्द एवं रक्तस्राव
  • खूनी बवासीर में गुदाद्वार के अंदर सूजन होती है
  • खूनी बवासीर में मस्से खूनी सुर्ख होते है और उनसे खून गिरता है
  • ऐनस के आसपास खुजली होना और उस क्षेत्र का लाल और सूजन आ जाना।
  • बवासीर में जलन तथा दर्द होने लगता है
  • शौच के वक्त लाल चमकदार रक्त का आना।
  • शौच के वक्त म्यूकस का आना और दर्द का अहसास होना।

Piles Causes || बवासीर के कारण:

  • बवासीर की बीमारी आनुवांशिक है।
  • कब्ज भी बवासीर को जन्म देती है
  • भोजन में पोषक तत्तवों की कमी के कारण।
  • अधिक तला या मसालेदार भोजन खाने से।
  • अत्यधिक दवाओं के सेवन से।
  • शौच करने के बाद मलद्वार को गर्म पानी से धोने से भी बवासीर रोग हो सकता है।
  • बवासीर होने का प्रमुख कारण है लम्बे समय तक कठोर कब्ज बना रहना।
  • नींद पूरी नहीं होने के कारण पेट में खाना सही तरह से पच नहीं पाता और नतीजा कब्ज हो जाता है।

बवासीर के लिए घरेलू उपाय:

  • रात में सोते समय एक गिलास पानी में इसबगोल की भूसी के दो चम्मच डालकर पीने से भी लाभ होता है।
  • त्रिफला का चूर्ण लेना चाहिए। ऐसा कुछ दिनों तक करने से बवासीर रोग जल्दी ही ठीक हो जाता है।
  • रात को सोते समय केले खाने चाहिए इससे रोगी को बहुत अधिक लाभ मिलता है।
  • रोगी व्यक्ति को अपने भोजन में चुकन्दर को शामिल करना चाहिए।
  • रोजाना बवासीर वाली जगह पर नीम का तेल लगायें, कभी फायदा होगा।
  • शलजम, मेथी, करेला, गाजर, प्याज और अदरक का नियमित सेवन करें।
  • मस्सों पर सरसों का तेल लगाना चाहिए।
  • मल, मूत्र और गैस आने पर उसको ज्यादा समय तक पेट में रोककर न रखें।

नींबू के रस:

  • एक रुई के टुकड़े को ताजा नींबू के रस से भिगो लें और मस्सों पर लगायें।
  • शुरुआत में इससे हल्की-हल्की जलन महसूस होगी लेकिन बाद में दर्द से काफी आराम मिलेगा।
  • एक कप दूध में आधा नींबू निचोड़ कर सेवन करें। ऐसा हर तीन घंटे में करें।
  • रोज डेढ़-डेढ़ चम्मच नींबू, अदरक और पुदीना के रस को दो चम्मच शहद में मिलाकर सेवन करें।

 जैतून का तेल:

  • एक चम्मच जैतून के तेल का सेवन करें।
  • बेर के पेड़ की पत्तियों को पीसकर उसका जूस निकाल लें
  • और इसमें बराबर मात्रा में जैतून का तेल मिला लें।
  • अब इस मिश्रण को अपने मस्सों पर लगायें। इससे आपको सूजन और दर्द में राहत मिलेगी।

पानी:

  • बवासीर होने पर आप अपने पानी के सेवन की मात्रा को बढ़ा दें।
  • रोज कम से कम 8-10 गिलास पानी पीने की कोशिश करें।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से इंटरनल सिस्टम साफ होता है और बॉडी हाइड्रेट रहती है।
  • यह मल को भी नरम बनता है जिससे दबाव कम होता है।

तो दोस्तों आज की यह पोस्ट केसी लगी कमेन्ट करके जरुर बताना धन्यवाद्।

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