Psoriasis In Hindi

Psoriasis In Hindi || सोरायसिस कारण लक्षण और निदान:

सोरायसिस त्वचा संबंधी एक बीमारी है जो त्वचा के कोशिकाओं के ज्यादा बढ़ जाने के कारण होती है।सोरायसिस त्वचा की ऊपरी सतह का चर्म रोग है जिससे त्वचा में कोशिकाओं की तादाद बढने लगती है और त्वचा के ऊपर मोटी परत जम जाती है।

त्वचा पर सोरायसिस की बीमारी सामान्यतः हमारी त्वचा पर लाल रंग की सतह के रूप में उभरकर आती है और स्केल्प (सिर के बालों के पीछे) हाथ-पांव अथवा हाथ की हथेलियों, पांव के तलवों, कोहनी, घुटनों और पीठ पर अधिक होती है। हालांकि यह रोग केवल 1-2 प्रतिशत लोगों में ही पाया जाता है। यह रोग आनु्‌वंशिक भी हो सकता है। आनु्‌वंशिकता के अलावा इसके होने के लिए पर्यावरण भी एक बड़ा कारण माना जाता है।Psoriasis In Hindi

Symptoms of psoriasis in Hindi || सोरायसिस के लक्षण:

  • चलने में दिक्कत आना।
  • नाखून मोटे और उनमें दाग-धब्बे पड़ जाना।
  • शुरुआत में त्वचा पर रूखापन आ जाता है।
  • घाव चांदी जैसी शल्कों से ढके होते हैं।
  • त्वचा पर चमकीले सफ़ेद परत से घिरे लाल चकत्ते।
  • घावों पर और उसके आसपास परेशानी या खुजली का अनुभव किया जा सकता है।
  • लालिमा लिये छोटे-छोटे दाने निकल आते हैं।
  • जोड़ों में सूजन और दर्द होना।

Psoriasis Causes || सोरायसिस के कारण:

  • आनुवांशिक कारणों से हो सकता है।
  •  प्रदूषण के संपर्क में रहने कारण भी हो सकता है।
  • त्वचा पर कोई घाव जैसे त्वचा कट जाना, मधुमक्खी काट लेना से भी हो सकता है।
  • शरीर में विटामिन डी कम होने से।
  • उच्च रक्तचाप के लिए कुछ दवाइयां खाने से भी यह रोग होता है।

सोरायसिस का उपचार:

शारीरिक परीक्षण में डॉक्टर मरीज के शरीर पर उभरे लक्षणों को देखकर इस बीमारी का पता लगाते हैं। इस दौरान डॉक्टर पीड़ित व्यक्ति के प्रभावित त्वचा की अच्छे से जांच करते हैं।

अगर इस बीमारी के लक्षण स्पष्ट रूप से पता नहीं चल पाते हैं तो डॉक्टर मरीज की त्वचा का एक छोटा सा सैंपल लेते हैं और फिर परीक्षण करते हैं, इसे बायोप्सी कहा जाता है। इस त्वचा को लैब में भेजा जाता है जहां माइक्रोस्कोप से इसकी जांच की जाती है। इसमें यह स्पष्ट पता चल जाता है कि व्यक्ति किस प्रकार के सोरायसिस से पीड़ित है।

  • कच्चे आलू का रस पीएं काफी फायदा होगा।
  • केले में नींबू का रस मिला लगाने से खुजलाहट कम होती है।
  • सोरायसिस में अनार के पत्तों को पीसकर लगाने काफी आराम मिलता है।
  • नींबू का रस लगाने से सोरायसिस में आऱाम मिलता है।
  • किसी भी तरह के चर्म रोग में रोज बथुआ साग उबालकर इसका रस पीएं और साग बनाकर खाएं।

तो दोस्तों आज की यह पोस्ट केसी लगी कमेन्ट करके जरुर बताना धन्यवाद्।

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