Rabies in Hindi || रेबीज़ के लक्षण, कारण, उपचार

By | May 29, 2018

Rabies in Hindi || रेबीज़ के लक्षण, कारण, उपचार:

रेबीज एक घातक संक्रमण है जो  एक वायरस के कारण होता है। रेबीज़ कुत्तों या अन्य पशुओं जैसे भेड़िया, भेड़, गाय, बन्दर, लोमड़ी, सियार, गीदड़ चमगादड़, घोड़ा, बिल्ली के काटने से होने वाला रोग है । पालतू जानवर के थूक के संपर्क में आने पर भी रेबीज़ रोग हो सकता है।

दुनिया की सबसे खतरनाक लाइलाज बीमारियों में से एक है, विश्व स्वास्थ्य संगठन की तालिका में रेबीज से होने वाली मौतें बारहवें क्रम पर हैं। किसी आदमी को यदि एक बार हो जाए तो उसका बचना मुश्किल होता है। रेबीज लाइसो वाइरस अर्थात् विषाणु द्वारा होती है और अधिकतर कुत्तों के काटने से ही होती है।Rabies in Hindi

Rabies Symptoms || रेबीज के लक्षण:

रेबीज का उपचार:

  • काटे के घाव में से लार व वाइरस को पानी, साबुन और हाइड्रोजन पैरॉक्साइड से साफ करें।
  • घाव को बंद न करें।
  • जहाँ काटा गया हो, उस जगह को साफ करने के बाद कारबोलिक एसिड की कुछ बूंदें घाव पर डालें।
  • काटा हुआ घाव या छिले के निशान को जल्दी से साबुन से रगड़कर धोना चाहिए।
  • संभव हो तो घाव पर साबुन लगाकर नल की तेज धार से धोएँ फिर स्प्रिट, अल्कोहल अथवा टिंक्चर आयोडीन घाव पर लगाना चाहिए।
  • जिससे उसमें मौजूद विषाणु मर जाएँ। इसके बाद घाव पर पट्टी बाँध दें।
  • टिटनस टॉक्साइड का इंजेक्शन तथा जीवाणुरोधी दवाएँ भी लें।
  • यदि व्यक्ति के टेटनस का टीका नहीं लगा हुआ हो तो उसे टेटनस एंटीटॉक्सिन का टीका लगाएँ।
  • काटे के घाव को छूत से बचाने के लिए पैंसिलीन जैसी एंटीबायोटिक दवा दी जानी चाहिए।

रेबीज का घरेलू उपचार:

  • अखरोट में कुत्ते द्वारा होने वाली रैबीज के जहर को मारने की क्षमता होती है।
  • उपचार के लिए अखरोट,नमक और प्याज की बराबर मात्रा लेकर पीस लें।
  • इस मित्रण में थोडा़ शहद मिलाएं। प्रभावित हिस्से या घाव पर यह लेप लगाएं।
  • अपने आहार में विटामिन सी और डी की मात्रा बढ़ाएं।
  • रैबीज पर जीरा भी काफी असर दिखाता है।
  • दो बड़े चम्मच जीरा को पीसकर उसमें बीस काली मिर्च पीसकर मिलाएं।
  • दोनों पाउडर में पानी मिलाकर लेप बनाएं और प्रभावित हिस्से पर लगाएं।
  • इससे भी घाव जल्दी भरने में मदद मिलेगी।

तो दोस्तों आज की यह पोस्ट केसी लगी कमेंट्स करके जरुर बताना धन्यवाद्।

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