Sarvangasana Benefits2

Sarvangasana Benefits || सर्वांगासन: विधी, फायदे, सावधानी:

सर्वांगासन अर्थात सर्व अंग आसन, इस आसन को करने से पूरे शरीर यानि पैर की उंगलियों से लेकर मस्तिष्क तक फायदा पहुंचता है। पांवों से ले कर सर तक खून गतिमान हो कर शरीर के हर अंग को नयी उर्जा प्रदान करता है

यह आसन करने में थोडा कठिन होता है, क्योकि इसमें आपके शरीर का पूरा भार आपके कंधो पर होता है। इसलिए इस आसन को योग शिक्षक के निर्देश में ही किया जाना चाहिए।Sarvangasana Benefits2

सर्वांगासन करने की विधी:

  • सबसे पहले चटाई या दरी को बिछाएं।
  • फिर पीठ के बल लेटें। और दोनों पैरों को एक साथ मिला लें।
  • दोनों हाथों को जमीन पर रखें। और शरीर को ढीला रखें।
  • सांस लेते हुए आराम से पैरों को बिना मोड़े उपर की तरफ उठाएं।
  • जैसे-जैसे पैर उपर की तरफ उठाएं वैसे-वैसे कमर को भी उपर की तरफ उठाएं।
  • पैरों और पीठ को 80 – 90 डिग्री तक उठाने का प्रयास करें।
  • हाथों के जरिए पीठ और कमर को उपर की तरफ उठाएं।
  • यह योग करते समय मुख उपर आकाश की तरफ होना चाहिए। और कुहनियां जमीन से टिकी हुई हों।
  • इस योग को करते वक्त हाथों से पीठ को सहारा देते समय हाथों की उंगलियां एक दूसरे के सामने हों।
  • और अंगूठों की दिशा पेट की तरफ हों।
  • अब वापस पहले की अवस्था में आएं।
  • यह आसन शरीर की क्षमता के अुनसार ही करें।
  • यदि आपको सर्वांगासन करने में कठिनाई महसूस हो रही हो तो कमर के नीचे तकिये का प्रयोग कर सकते हैं।

सावधानी:

  • अगर आप हाई ब्लड प्रेशर,  स्पॉन्डिलाइटिस के मरीज हैं
  • आपके कान में दर्द होता है या सुनने की क्षमता कमजोर है तो इस आसन को करने से परहेज करें।
  • प्रेगनेंट महिलाओं को प्रेगनेंसी के तीसरे महीने बाद सर्वांगासन नहीं करना चाहिए।
  • अगर सर्वांगासन करते समय आपको जम्हाई आए, छींक या कफ आये तो अपना पैर तुरंत नीचे कर लें
  • अन्यथा गले के नीचे, सीने और कानों में दर्द हो सकता है।
  • सर्वांगासन करते समय लार को गटकें नहीं।
  • अगर आपकी आंखों में ग्लूकोमा की समस्या है तो सर्वांगासन करने से बचें।

तो दोस्तों आज की यह पोस्ट केसी कमेन्ट करके जरुर बताना धन्यवाद्।

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