Shirshasana Yoga

Shirshasana Yoga || शीर्षासन: विधी, फायदे, सावधानियां:

शीर्षासन दो शब्द मिलकर बना है -शीर्ष जिसका मतलब होता है सिर और आसन जिसके माने होता है योग मुद्रा। शास्त्रों में 84 लाख आसनों का जिक्र है,

यह एक ऐसा आसन है जिसे करना काफी मुश्किल है। लेकिन इसके अभ्यास से हम सदैव बड़ी-बड़ी बीमारियों से दूर रहते हैं। इसे करने से पाचनतंत्र सुचारू रहता है| इसे करने से रक्त का प्रभाव बेहतर बनता है। शीर्षासन के नियमित अभ्यास से शरीर को बल प्राप्त होता है। योग में शीर्षासन के कई लाभ बताये गए हैं।Shirshasana Yoga

शीर्षासन योग के फायदे:

  • इससे मस्तिष्क का रक्त संचार बढ़ता है
  • हिस्टिरिया एवं अंडकोष वृद्धि, हर्निया, कब्ज आदि रोगों को दूर करता है।
  • शीर्षासन से शरीर को मजबूती मिलती हैं और शरीर हष्ट -पुष्ट बनता हैं।
  • पाचन क्रिया को स्वस्थ करते हुए कब्ज और इससे संबंधित परेशनियों से बचाता है।
  • शरीर को अधिक से अधिक सक्रिय करने और कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए शीर्षासन बहुत ही उपयोगी आसन हैं।
  • शीर्षासन के अभ्यास से चेहरे की झुर्रियाँ गायब हो जाती हैं।
  • दरहसल उल्टा खड़े होने की स्थिति में ताजा पोषण और ऑक्सीजन चेहरे की तरफ संचारित होने लगता हैं।
  • नतीजनत् त्वचा में चमक आती है।

शीर्षासन योग की विधी:

  • सर्वप्रथम दरी बिछा कर समतल स्थान पर वज्रासन की स्तिथि में बैठ जाएं।
  • इसके पश्चात आगे की ओर झुककर अपने दोनों हाथों की कोहनियों को जमीन पर टिका दें।
  • अब अपने दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में जोड़ लें।
  • फिर सिर को दोनों हथेलियों के बीच में धीरे-धीरे रखें।
  • इस वक्त सांस सामान्य रखें।
  • सिर को जमीन पर टिकाने के पश्चात धीरे-धीरे से शरीर का पूरा भार सिर पर छोड़ते हुए शरीर को ऊपर की उठाये।
  • शरीर का भार सिर पर लें और शरीर को सीधा कर लें।
  • शरीर की इस अवस्था को शीर्षासन कहा जाता है।
  • यह आसन सिर के बल किया जाता है इसलिए ही इसका नाम शीर्षासन है।

सावधानियां

  • पहली बार शीर्षासन किसी योग विशेषज्ञ की देखरेख में ही करना चाहिए।
  • यदि आप थोड़ा सा भी अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं तो आपको शीर्षासन करने से बचना चाहिए।
  • पहली बार शीर्षासन के दौरान आप दीवार का सहारा भी ले सकते हैं।
  • आपका रक्तचाप बहुत अधिक बढ़ा रहता है तो आपको शीर्षासन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए।
  • यदि आपको सर्वाइकल की समस्या है या फिर गर्दन में दर्द की समस्या है तो आपको शीर्षासन नहीं करना चाहिए।
  • जिन लोगों को कम दिखाई देता है या फिर आंखों संबंधी कोई और समस्या हैं तो उन्हें शीर्षासन नहीं करना चाहिए।

तो दोस्तों आज की यह पोस्ट केसी लगी कमेन्ट करके जरुर बताना धन्यवाद्।

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