Sneezing in Hindi

Sneezing in Hindi || Chinkna | जानिए छींकना के कारण:

छींक को एक सामान्य क्रिया माना जाता है। छींक प्रायः तब आती है जब हमारी नाक के अंदर की झिल्ली किसी बाहरी पदार्थ के घुस जाने से परेशानी महसूस करती है।

जिसकी वजह से हमारा श्वसन तंत्र प्रतिक्रिया स्वरुप छींकने की क्रिया करता है जिसमे 160 किलोमीटर प्रति घंटा से भी अधिक की रफ़्तार से वो कण वापिस निकल जाते है और मजे की बात यह कि इस पर हमारा कोई खास नियन्त्रन भी नहीं होता है | हम कह सकते है यह एक अनैच्छिक क्रिया है |

छींकने की प्रक्रिया एक सुरक्षा तंत्र की तरह काम करती है क्‍योंकि इससे शरीर में मौजूद कई हानिकारक एलर्जेंस बाहर निकल जाते हैं। छींक आने के कई कारण हो सकते हैं जैसे- धुआं, धूल-मिट्टी, सब्जी का तेज छौंक या किसी चीज की तेज गंध। इसके अलावा ठंड के मौसम में, नमी या तापमान में गिरावट, किसी खाने से एलर्जी या किसी दवा से रिएक्शन से भी एलर्जी होती है।Sneezing in Hindi

Sneezing Causes || छींकना के कारण:

  • सेक्स के दौरान पैरासिंपेथेटिक नर्वस सिस्टम सक्रिय हो जाता है जिससे सेक्स के बाद कई बार कुछ लोगों को बहुत छींक आती है।
  • ठंड में जुकाम होना ही छींक की वजह होती है।
  • धुआं, धूल-मिट्टी, सब्जी का तेज छौंक या किसी चीज की तेज गंध।
  • मोसम में बदलाव होने कारण

छींकने की समस्या से राहत के लिए घरेलू नुस्ख़े:

सौंफ की चाय:

  • सौंफ में भी कई एंटीबायोटिक और एंटीवायरल गुण होते हैं।
  • समस्‍या होने पर एक कप पानी में दो चम्मच सौंफ को कुचलकर उबालें।
  • तकरीबन दस मिनट पानी को कवर करके रख दें और उसके बाद छानकर इस चाय को दिन में दो बार पीएं।

अदरक:

  • एक कप पानी में थोडा़ सा अदरक डालकर उबालें।
  • इसे गुनगुना रहने पर शहद मिलकार पीएं।
  • इसके अलावा कच्चा अदरक या अदरक की चाय भी पी जा सकती है।

अजवायन:

  • उपचार के लिए अजवायन के तेल की दो से तीन बूंद रोजाना इसतेमाल करने से साइनस की समस्या से भी निजात संभव है।

लहसुन:

  • यदि सर्दी के आम संक्रमण की वजह से छींके आ रही  हैं तो लहसुन आपको बहुत आराम दे सकता है।
  • उपचार के लिए पांच से छह लहसुन की कलियों को पीसकर पेस्ट बनाएं और इसे सूंघें।
  • दाल सब्जी बनाने में भी लहसुन का प्रयोग करें साथ ही सूप बनाने में भी लहसुन की उच्च मात्रा डालें।

काली मिर्च

  • गुनगुने पानी में आधा चम्मच काली मिर्च डालकर यह मिश्रण दिन में दो से तीन बार पीएं।
  • काली मिर्च का पाउडर डालकर गरारे भी किए जा सकते हैं।
  • इससे आप बैक्‍टीरिया से छुटकारा पा सकत हैं।

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