Sore Throat in Hindi || गले में खराश का उपचार

By | May 31, 2018

Sore Throat in Hindi || गले में खराश का उपचार:

मौसम बदलते ही गले में खराश होना आम बात है। सामान्य शब्दों में गले में खराश, गले का संक्रमण है। गले में खराब और जख्‍म का अहसास होना, ठण्‍ड लगने का पहला लक्षण हो सकता है। यह या तो स्‍वर तंत्रिका पर अधिक जोर पड़ने के कारण, या किसी अन्‍य कारण से हो सकता है।

Sore Throat

Sore Throat

Sore Throat Causes || गले में खराश के कारण:

  • कभी कभी खाने पीने की चीज़ों के विपरीत प्रभाव के कारण भी गले में संक्रमण हो सकता है।
  • इसके अलावा गले में खराश की समस्या अनुवांशिक भी हो सकती है।
  • बदलता मौसम में अकसर खराश की समस्या का सामना करना पड़ता है।

गले की खराश से राहत पाने के घरेलू उपाय:

लाल मिर्च:

गले की खराश को ठीक करने के लिए लाल मिर्च भी बेहद फायदेमंद है। उपचार के लिए एक कप गरम पानी में एक चम्मच लाल मिर्च और एक चम्मच शहद मिलाकर पीएं।

नमक और पानी:

आधा चम्मच नमक 8 आउन्स गर्म पानी में डालें और अच्छी तरह मिलाएँ। इसका एक घूँट भरें और 10 सेकेण्ड के लिए गरारे करें, फिर इसे थूक दें, निगले नहीं। नमक अतिरिक्त बलगम को काट देगा (जिसके कारण गले में खुजली या गुदगुदी महसूस होती है) और सूजन को भी कम कर देगा।

लौंग:

लौंग का इस्तेमाल उपचार के लिए सदियों से होता आ रहा है। गले की खराश के उपचार के लिए लौंग को मुंह में रखकर धीरे धीरे चबाना चाहिए। जो गले के इंफेक्शन और सूजन को दूर करती है।

मसाला चाय: 

लौंग, तुलसी, अदरक और काली मिर्च को पानी में डालकर उबालें, इसके बाद इसमें चाय पत्ती डालकर चाय बनाएं। इस चाय को गरम गरम ही पीएं। यह भी गले के लिए बेहद लाभदायक उपाय है जिससे गले में तुरंत आराम मिलता है।

शहद, निम्बू और अदरक:

शहद की थोड़ी-सी मात्रा को कप के तले में डालें और इसे गर्म पानी से ऊपर तक भरें। इसके बाद, इसमें नींबू के एक से तीन टुकड़ों को निचोड़ें। आखिर में, अदरक का एक छोटा-सा टुकड़ा पीसकर इसमें डालें और हिलाएँ। इसे दिन में कई बार पीयें, इससे गले की खराश या खुजली में राहत मिलेगी।

मेंथी:

मेंथी में बलगम को घोलने वाली प्रॉपर्टीज होती हैं जो गले की खराश के दर्द और इन्फ्लामेशन में तुरंत राहत प्रदान करती हैं। 6 कप पानी में तीन चम्मच मेंथी के बीज डाल दें। अब इसे आधे घंटे के लिए उबालें। उबलने के बाद इसे ठंडा होने दें और फिर छान लें। रोज दिन में तीन-चार बार इस पानी से कुल्ला या गरारे करें।

दालचीनी:

  • एक गिलास गर्म पानी में एक-एक चम्मच दालचीनी और काली मिर्च पाउडर मिलाएं।
  • आप इसमें स्वादानुसार इलायची भी मिला सकते हैं। दिन में दो या तीन बार इस पानी से कुल्ला या गरारे करें।
  • या फिर, एक चम्मच शुद्ध शहद में कुछ बूंदें दालचीनी के तेल की डालकर सेवन करें।
  • इसका सेवन दिन में दो बार करें।
  • ऐसा करने से गले की खराश के कारण होने वाला दर्द और इन्फ्लामेशन कम होता है।

लहसुन:

  • लहसुन शरीर में allicin नामक केमिकल के स्त्राव को बढ़ाता है
  • जो गले में खराश पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करता है।
  • या फिर, आप लहसुन के तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • रोज एक चौथाई कप पानी में कुछ बूंदें लहसुन के तेल की डालकर कुल्ला या गरारे करें।
  • साथ ही, लहसुन को नियमित रूप से कच्चा या पकाकर सेवन करते रहें।
  • यदि आपको लहसुन का स्वाद पसंद नहीं है तो आप इसकी पिल्स (गोलियां) भी ले सकते हैं।

 

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