spondylosis ka ilaj

Spondylosis || स्पोंडिलोसिस के कारण और उपाय:

स्पोंडिलोसिस या स्पॉन्डिलाइटिस, आर्थराइटिस का ही एक रूप है। यह समस्या मुख्यत: मेरु दंड को प्रभावित करती है।

सर्वाइकल स्पॉन्डलाइसिस गर्दन के जोड़ों में होने वाले अपक्षय से सम्बंधित है जो उम्र के बढ़ने के साथ बढ़ता है। 60 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों में प्राय: यह पाया जाता है। इसके कारण अक्षमता या अशक्तता हो जाती है।

सर्वाइकल स्पांडिलाइसिस एक ऐसी बीमारी है जो आम तौर पर गर्दन झुकाकर काम करने वालों को अधिक होती है। इस बीमारी की आशंका अधिकतर उन लोगों में होती है जो आफिस में कुर्सी पर बैठकर गर्दन झुकाकर कई घंटों तक लगातार काम करते रहते हैं। टेबल-कुर्सी पर बैठ कर काम करने वाले अधिकतर लोग इस बीमारी का शिकार हो रहे हैं।spondylosis ka ilaj

Spondylosis Symptoms || स्पोंडिलोसिस के लक्षण:

Spondylosis Causes || स्पोंडिलोसिस के कारण:

  • उम्र का बढ़ना
  • आनुवंशिक कारण
  • कार्य गतिविधि
  • गर्दन में लगी कोई चोट
  • भूतकाल में रीढ़ की शल्यक्रिया हुई हो
  • अगर आप ऐसा कोई काम करते है जिसमे आपको गर्दन या सिर को बारबार घुमाना पड़ता हो।

क्या करना चाहिए:

  • गद्दे की बजाय तख्त पर सोये।
  • बैठते समय गर्दन को सीधा रखें।
  • नर्म व कम ऊंचाई वाले तकिये का प्रयोग करें।
  • गाड़ी चलाते समय पीठ को सीधा रखें।
  • पौष्टिक भोजन खाएं, खासकर ऐसा भोजन जो विटामिन डी और कैल्शियम से भरपूर हो।
  • गर्दन की सिकाई. तीव्र दर्द होने पर गरम पानी में नमक डालकर सिकाई करें।
  • दिन में कम से कम तीन से चार बार करें. दर्द को जल्दी आराम देने में काफी लाभदायक है।

स्पांडलाइसिस के घरेलू इलाज:

गाय के घी से मालिश:

सर्वाइकल स्पाॅडिलोसिस दर्द समस्या में दिन में 2 बार ग्रसित जोड़ों पर देशी घी से मालिश करना फायदेमंद है। गाय के घी सर्वाइकल स्पाॅडिलोसिस दर्द लुब्रिकेट करने में सहायक है।

हल्दी:

एक ग्लास गुनगुने दूध में एक चम्मच हल्दी डाल कर पीएं, दर्द से निजात मिलेगी और गर्दन की अकड़ भी कम होगी।

लहसुन:

लहसुन सूजन को भी कम करता है। सुबह खाली पेट पानी के साथ कच्चा लहसुन नियमित खाएं, काफी फायदा होगा। तेल में लहसुन को पका कर गर्दन में मालिश भी किया जा सकता है।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here