Surya Namaskar ke Labh || सूर्य नमस्कार के लाभ

By | May 20, 2018

Surya Namaskar ke Labh || सूर्य नमस्कार के लाभ:

सूर्य नमस्कार सभी योगासनों में से सर्वश्रेष्‍ठ माना गया है। सूर्य नमस्कार का मतलब है, सुबह में सूर्य के आगे झुकना। सूर्य इस धरती के लिए जीवन का स्रोत है। आप जो कुछ खाते हैं, पीते हैं और सांस से अंदर लेते हैं, उसमें सूर्य का एक तत्व होता है।

सूर्य नमस्कार के आसन हल्के व्यायाम और योगासनो के बीच की कड़ी की तरह है और खाली पेट कभी भी किए जा सकते हैं। हालाँकि सूर्य नमस्कार के लिए सुबह का समय सबसे अच्छा माना जाता है क्योंकि यह मन व शरीर को ऊर्जान्वित कर तरो ताज़ा कर देता है और दिनभर के कामो के लिए तैयार कर देता है| यदि यह दोपहर में किया जाता है तो यह शरीर को तत्काल ऊर्जा से भर देता है।

सूर्य नमस्कार करने के लाभ:

  • ऊर्जा का संचार नियमित रूप से।
  • हाई ब्लड प्रैशर कंट्रोल रहता है।
  • मोटापा कम हो जाता है।
  • मांसपेशियां और हड्डियां भी मजबूत होती है।
  • इससे त्वचा के कई रोग दूर होते है।
  • नियमित अभ्यास से बालो का सफ़ेद होना और झरना बंद होता है।
  • 5-10 मिनट नियमित रूप से सूर्य नमस्कार करने पर आपके शरीर में पानी की मात्रा संतुलित रहती हैं।
  • इसके अलावा इससे शरीर के अनावश्यक तत्व भी बाहर निकल जाते हैं।
  • पाचनक्रिया बढ़ाने के लिए भी यह उत्तम आसान है।
  • सूर्य नमस्कार के आसन से पूरे शरीर का वर्कआउट होता है। इससे शरीर फ्लेक्सिबल होता है।Surya Namaskar ke Labh

सूर्य नमस्कार करने की विधी:

  • सबसे पहले खड़े होकर एड़िया मिला लें और पंजो को खुला छोड़ दें।
  • इसके बाद जांघों को सीधा रखें और नमस्कार की मुद्रा धारण कर लें।
  • अब कोहनियां शरीर के साथ, हथेलियां को तिरछा और अंगूठे हृदय के नीचे डायफ्राम पर करके ध्यान भौंहों के बीच केंद्रित करें।
  • अपने दोनों हाथों को ऊपर की ओर सीधा करके सांस भर लें।
  • अपनी बाजुओं को सीधा करके हथेलियों को सामने की ओर करें।
  • इसके बाद बाजुओं को कानों के साथ जोड़कर हाथों को गर्दन के पीछे ले जाएं।
  • इस स्थिति में कुछ देर रूकें।

 

  • हाथों को वापस लाते हुए और सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें।
  • हाथों को दाएं-बाएं हिलाकर और घुटने बिल्कुल सीधा रखते हुए हाथों को जमीन के साथ लगाएं।
  • अपने सिर को घुटनों के साथ लगाकर ध्यान नाभि पर रखें।
  • शरीर को थोड़-सा आगे करके सांस भरकर हाथ सीधे करें और गर्दन के पीछें ले जाएं।
  • अब पंजों को मिलाकर एड़ियां ऊपर की ओर करें।
  • इसके बाद कमर नीचे झुकाकर सूर्य नमस्कार करें।
  • सांस छोड़ते हुए शरीर को वापल की ओर उठाएं और एड़ियों को जमीन से लगा लें।
  • इसके बाद कमर का हिस्सा ऊपर की तरफ रखकर सिर को नीचे की तरफ झुकाएं और जितनी देर हो सके इस स्थिति में रूकें।
  • अब वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।

सूर्य नमस्कार कौन न करे:

  • गर्भवती महिला तीसरे महीने के गर्भ के बाद से इसे करना बंद कर दें।
  • हर्निया और उच्च रक्ताचाप के मरीजों को सूर्य नमस्कार नहीं करने की सलाह दी जाती है।
  • पीठ दर्द की समस्या से ग्रस्त लोग सूर्य नमस्कार शुरू करने से पहले उचित सलाह जरूर लें।
  • महिलाएं पीरियड के दौरान सूर्य नमस्कार और अन्य आसन न करें।

तो दोस्तों आज की यह पोस्ट केसी लगी कमेन्ट करके जुरूर बताना धन्यवाद् ।

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