Swine Flu In Hindi || स्वाइन फ्लू के उपचार

By | May 31, 2018

Swine Flu In Hindi || स्वाइन फ्लू के उपचार:

स्वाइन फ्लू का वायरस बहुत संक्रामक है। इंफ्लूएंजा ए स्‍वाइन फ्लू वायरस के एक प्रकार ‘H1N1‘ द्वारा संक्रमित व्‍यक्ति द्वारा दूसरे व्‍यक्ति को फैलता है।

स्वाइन फ्लू या H1N1 (H1N1 Flu) एक संक्रमण है, जो इन्फ्लूएंजा ए वायरस के कारण होता है। आमतौर पर यह बीमारी सूअरों में होती है, इसलिए इसे स्वाइन फ्लू कहा जाता है, लेकिन कई बार सूअर के सीधे संपर्क में आने पर यह मनुष्य में भी फैल जाती है। यह बहुत जल्दी फैलने वाला रोग है।Swine Flu In Hindi

Swine Flu Symptoms || स्वाइन फ्लू के लक्षण:

  • स्वाइन फ्लू से पीड़ित 80% रोगियों को ठंड बहुत लगती है।
  • स्वाइन फ्लू में 100 डिग्री से ज्यादा का बुखार आना आम बात है।
  • स्वाइन फ्लू के रोगियों को बहुत ज्यादा थकान महसूस होती है।
  • नाक से पानी बहना
  • भूख बहुत कम लगना
  • गले में जलन और दर्द होना
  • सिरदर्द होना, जोड़ों में सूजन आना

Swine Flu Causes || स्वाइन फ्लू के कारण:

  • संक्रमित सूअरों के साथ रहने वाले व्यक्ति स्वाइन फ्लू हो सकता हैं
  • जिनकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, उन्हें सबसे पहले स्वाइन फ्लू के शिकार होते हैं।

स्वाइन फ्लू के लिए घरेलू नुस्ख़े:

लहसुन:

इससे इम्यूनिटी मजबूत होती है और संक्रमण का खतरा कम रहता है। रोज सुबह खाली पेट लहसुन की दो कच्ची कलि पानी के साथ खाएं, काफी फायदा करेगा।

तुलसी:

‘एच1एन1’ वायरस से लड़ने में निश्चित रूप से सहायक हो सकती है। तुलसी से लाभ पाने का सबसे आसान तरीका है कि हर रोज इसकी पांच अच्छी तरह से धुली हुई पत्तियों का इस्तेमाल करें।

नीम:

आप खून को साफ करने के लिए रोज 3-5 नीम की पत्तियाँ चबा सकते हैं।

ग्वारपाठा:

इसकी कैक्टस जैसी पतली और लंबी पत्तियों में सुगंध रहित जैल होता है। इस जैल को एक टी स्पून में पानी के साथ लेने से त्वचा के लिए बहुत अच्छा रहेगा, जोड़ों का दर्द दूर होगा और साथ ही इम्यूनिटी बढ़ेगी।

गुनगुना दूध:

जिन लोगों को दूध से एलर्जी नहीं है वे रोज रात को दूध में थोड़ी हल्दी डालकर ले सकते हैं।

कपूर:

जवान लोग तो इसे पानी के साथ भी खा सकते हैं लेकिन बच्चों को केले में कपूर मथ कर खाने देना चाहिए। बच्चे सीधे कपूर नहीं खा सकते। ध्यान रहे कपूर का सेवन हर रोज न करें। फ्लू के सीजन में एक या दो बार ही इसका सेवन काफी है।

हल्दी-दूध:

दर्द निवारक के साथ-साथ यह कफ-खांसी-सर्दी में तो असर करता ही है, रोग प्रतिरोधी क्षमता को भी मजबूत करता है। रोज रात को गर्म दूध में हल्दी डाल कर पीने से फ्लू और संक्रमण का खतरा कम रहता है।

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