TB ke lakshan || टीबी के लक्षण और उपचार

By | June 2, 2018

TB ke lakshan || टीबी के लक्षण और उपचार:

टीबी एक ऐसी बीमारी है जो मायकोइक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस बैक्टीरिया के कारण फैलती है। यह ज्यादातर फेफ़डों में होती है और इससे रोगी को खांसी, कफ और बुखार हो जाता है। यह एक तरह का छूत का रोग है जिसका अगर शुरूआत में ही इलाज न किया गया तो यह रोगी के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।

टी.बी. को फेफड़ों का रोग माना जाता है, लेकिन यह फेफड़ों से रक्त प्रवाह के साथ शरीर के अन्य भागों में भी फैल सकता है, जैसे हड्डी, हड्डियों के जोड़, लिम्फ ग्रंथियां, आंत, मूत्र व प्रजनन तंत्र के अंग, त्वचा और मस्तिष्क के ऊपर की झिल्ली आदि।

इसके शुरूआती लक्षण है खांसी आना । दो हफ्तों या उससे ज्यादा समय तक खांसी लगातार आना तपेदिक का लक्षण है। शुरूआत में सूखी खांसी आती है लेकिन बाद में खांसी के दौरान बलगम में खून भी आने लगता है। दो हफ्ते से ज्यादा खांसी आने पर स्वास्‍थ्‍य केंद्र जाकर बलगम की जांच करानी चाहिए।Sneezing in Hindi

Tuberculosis Symptoms || टी. बी. के लक्षण:

Tuberculosis Causes || टी. बी. के कारण:

  • अधिक धूम्रपान करने के कारण ।
  • ज्यादा शराब का सेवन करने से ।
  • धूल के संपर्क में रहने वाले लोग।
  • चालों में रहने वाले लोग भी इस रोग का शिकार हो जाते हैं।
  • कपड़ा मिल में काम करने वाले श्रमिक या रेशे-रोए के संपर्क में रहने वाले लोग।
  • असावधानीवश रोगी का खून अन्य किसी रोग के शरीर में चढ़ाने से वह व्यक्ति रोगग्रस्त हो जाता है।

टीबी से राहत पाने के घरेलू उपाय:

केला:

1 पके हुए केले को मसलकर नारियल पानी में मिलाएं और इसके बाद इसमें शहद और दही मिलाएं। इसे दिन में दो बार खाने से रोगी को फायदा होता है। इसके अलावा कच्चे केले का जूस बनाकर भी रोजाना पी सकते हैं।

पुदीना:

पुदीना में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुणों के कारण इसमें भी टीबी के रोग को ठीक करने का अद्भुत गुण होता है।

आंवला:

कच्चे आंवले को पीसकर इसका जूस बना लें और इसमें 1 चम्मच शहद मिलाकर रोजाना सुबह पीने से फायदा होता है।

प्याज और हींग:

रोज़ सुबह और शाम को जब पेट खाली हो, आधा कप प्याज का रस एक चुटकी हींग डाल कर पिए, एक सप्ताह में फर्क दिखेगा।

अखरोट:

इसको पीस कर पाउडर बना लें और इसमें कुछ पीसी हुए लहसुन की कलियां मिलाएं। अब इसमें घर में बना हुआ ताजा मक्खन मिलाकर खाएं।

काली मिर्च:

काली मिर्च फेफड़ों की सफाई का काम करती है। जिससे टीबी के दौरान होने वाले सीने के दर्द से राहत मिलती है।

संतरा:

संतरे में भी जरूरी मिनरल्स और कंपाउंड होते हैं। संतरे में मौजूद सलाइन शरीर को इंफेक्शन से बचाता है साथ ही इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है।

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