Vajrasana yoga || वज्रासन योग

By | April 22, 2018

वज्रासन:

दो शब्दों का मेल है वज्र + आसन, वज्र का मतलब होता है कठोर अथवा मजबूत| इस आसन के अभ्यास से शरीर मजबूत बनता है| यह एक साधनात्मक मुद्रा हैं। यह एक मात्र ऐसा आसन है जिसे खाने के बाद भी कर सकते है| इस आसन किसी भी समय कर सकते है|

वज्रासन योग करने की विधि:

  • भोजन करने के 5 -10 मिनिट बाद एक समान, सपाट और स्वच्छ जगह पर कम्बल या अन्य कोई आसन बिछाए। दोनों पैर सामने की तरफ फैलाकर बैठ जाए।
  • अब अपनें दोनों पैर सामनें की और फैला दें। अब अपने शरीर का वजन बाईं और थोड़ा झुका कर अपनें दाएं पैर को घुटनें से मौड कर दाएं कूल्हे के नीचे लगा दें। और फिर उसी ओर अपने शरीर का वज़न ले जा कर अपनें दूसरे पैर (बाएं पैर) को भी घुटनें से मौड कर बाएं कूल्हे के नीचे लगा दें।
  • ध्यान रहे की आप के दोनों परों के पंजे इस तरह मुड़े होने चाहिए की आप की तशरीफ़ उस के ऊपर आराम से रखी जा सके। पैरों की दोनों ऐडियों में इस प्रकार से अंतर होना चाहिए जिससे दोनों पैरों के अंगूठे एक दूसरे से छूने चाहिए।
  • अब अपनें दोनों हाथों के पंजों को अपनें घुटनों पर लगा दें। दोनों हथेलियाँ (palms) घुटनों की ओर होनी चाहिए)। वज्रासन में बैठ कर शरीर आड़ा-टेड़ा ना करें, शरीर को सीधा रखें।
  • अच्छी तरह से वज्रासन जमा लेने के बाद अपनें कंधों को बैंड नहीं होने देना है, पर सीधे बैठे हुए ही आराम फील करना है।
  • अब अपनें शरीर में गहरी सांस लें। ध्यान रहे की वज्रासन करते वक्त नाक से ही सांस लेनी है। मुह से सांस अंदर ना जाए, इसलिए बातें करते करते इस आसन को ना करें।
  • अब अपनी आँखें बंद कर के वज्रासन का आनंद लें, और सामान्य गति से सांस लेते रहें और समयान्तर पर सांस बाहर छोड़ते हैं।
  • शुरुआत में वज्रासन को करने पर पैरों के स्नायुओं में थोड़ा थोड़ा खिचाव महेसूस हो सकता है, पर कुछ दिनों के अभ्यास के बाद एक दम सहजता से यह आसन किया जा सकता है।
  • तीन से पांच मिनट वज्रासन अभ्यास कर लेने के बाद जिस क्रम मेंvajrasana benefits in hindiआपनें अपनें घुटनें मौड़े थें उसी क्रम में उन्हे सीधा कर लीजिये। और सामान्य मुद्रा में बैठ जाएं।

वज्रासन योग के फायदे:

  • वज्रासन रीढ़ की हड्डी के लिए अत्यंंत लाभदायक है| वज्रासन में बैठने पर अापकी कमर, गर्दन सीधी रहती है
  •  यह अासन अापके पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है और अनपच भोजन की एवं गैस की सम्भावना कम हो जाती है जो मोटापा के करणों में से एक है|
  • यह कुछ अासनों में से एक ऐसा अासन है जिसका अभ्यास कभी भी किया जा सकता है| इसको अाप खाना खाने के बाद या खाली पेट् में भी कर सकते हैं|
  • इस अासन के अभ्यास से अाप अपने घुटने, जांघ, और ठखनों स्वस्थ रख सकते हैं|
  • इस आसन के दौरान गहरी श्वास लेने और छोड़ने की क्रिया श्वास से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मददगार है। इस आसन का नियमित अभ्यास श्वसन प्रक्रिया में फायदेमंद है।
  • वज्रासन से रक्त का संचार नाभि केंद्र की ओर रहता है। इससे पाचन शक्ति बढ़ती है और पेट से संबंधित रोग भी दूर होने लगते हैं।

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