Vitamin B3 के फायदेऔर स्रोत – Healthplushindi

By | March 28, 2018

Vitamin B3 के फायदे – Healthplushindi:

शरीर की जरूरतों को पूरा करने के लिए कई तरह के विटामिन होते हैं, उन्हीं विटामिन में से एक है विटामिन बी3। इसे हम नियासिन के नाम से भी जानते हैं। शरीर को विटामिन की जरूरत होती है। विटामिन जटिल कार्बनिक पदार्थ होते हैं तथा शरीर की उपापचयी (मेटाबोलिक) क्रियाओं में भाग लेते हैं। तो आज की इस पोस्ट में विटामिन बी 3 के बारे में सभ कुछ जानेगे विटामिन बी3 के स्रोत तथा  लाभ |

Vitamin B3 के स्रोत :

मांस, टर्की, ट्यूना मछली, अण्डों, पोल्ट्री उत्पादों, दही, शराब बनाने वाले खमीर, मूंगफली, फलियों, आलू, चीज, ब्राउन राइस, ओट्स, जौ, गेंहू और दूध आदि में विटामिन B3 पाया जा सकता है। और अनाज जैसे खाद्य पदार्थ भी नियासिन से भरपूर होते है।

नोट:-लेकिन यह ध्यान रखिए कि आप इन स्रोतों में से किसी भी चीज का ज्यादा सेवन न करें।

Vitamin B3 Foots

About Vitamin B3 in hindi

Vitamin B3 के फायदे :

विटामिन बी3 एक एनर्जी बूस्टर का काम भी करता है। यह प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट में परिवर्तित हो जाता है।

विटामिन B3 प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट्स और वसा को ऊर्जा में बदलने का महत्वपूर्ण कार्य करता है।

नियासिन यौन समस्याओं जैसे नपुंसकता और स्तंभन दोष आदि से पीडि़त लोगों में लैंगिक हार्मोन बनाने में सहायता करता है।

मानसिक असंतुलन और इससे जुड़ी समस्याएँ भी नियासिन पूरकों या नियासिन युक्त दवाओं के उपयोग से ठीक हो सकती है।

विटामिन बी3 के सेवन से न केवल पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है बल्कि तंत्रिका तंत्र भी स्वस्थ रहता है।

वैज्ञानिको का मानना है की विटामिन बी 3 की खुराक लें और बने रहें जवान:

लोगों के लिए यह खुशखबरी है कि यदि वे विटामिन बी3 और उसकी उपलब्धता वाले तत्वों का सेवन करें तो आयु बढ़ने के कारण शरीर में आने वाले परिवर्तन देरी से दिख सकते हैं और मधुमेह जैसे आयु से संबंधित रोग भी व्यक्ति को जल्द अपने घेरे में नहीं ले पाते हैं। विश्वविद्यालय और मैड्रिड के आईएमडीईए फूड के वैज्ञानिकों ने एक या कुछ ऑक्सीकरण रोधी एंजाइमों की बजाय कोशिकाओं की समूची ऑक्सीकरण रोधी क्षमता में वृद्धि करने का प्रयास किया। इसको पाने के लिए अनुसंधानकर्ताओं ने एनएडीपीएच के स्तर में वृद्धि पर ध्यान केंद्रित किया।

इसके बाद जो परिणाम आये उसमें ये देखा गया कि जीव की प्राकृतिक ऑक्सीकरण रोधी क्षमता में वृद्धि हुई जिससे उम्र से जुड़ी समस्याओं में कमी देखी गयी जिसमें इंसुलिन प्रतिरोध भी शामिल है। यह भी पाया गया कि इससे इंसान का जीवन और अधिक लंबा हो सकेगा। इस अध्ययन का प्रकाशन नेचर कम्युनिकेशन्स जर्नल में हुआ है।

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