what is pneumonia in hindi || निमोनिया का कारण और उपचार

By | May 29, 2018

what is pneumonia in hindi || निमोनिया का कारण और उपचार:

निमोनिया फेफड़ों को होने वाला संक्रमण है, जो बैक्‍टीरिया, वायरस, फंगस अथवा पेरासाइट्स के कारण होता है। इसकी सबसे अहम पहचान है, फेफड़ों की वायुकोष्‍िठका में सूजन हो जाती है।

निमोनिया में जब एक या दोनों फेफड़े में तरल पदार्थ भर जाता है तो फेफड़े को ऑक्सीजन लेने में कठिनाई होने लगती है। बैक्टीरिया से होने वाला निमोनिया दो से चार सप्ताह में ठीक हो सकता है, जबकि वायरस से होने वाले निमोनिया को ठीक होने में अधिक समय लग जाता है।pneumonia in hindi1

Pneumonia Symptoms || निमोनिया के लक्षण:

  • अधिकतर लोगों को ठंड के साथ, तेज बुखार और पसीना भी आने लगता है।
  • दस्त, सिरदर्द, माँसपेशियों और जोड़ों में दर्द।
  •  थकावट और अत्यंत कमजोरी लगना।
  • असमंजस और प्रलाप की स्थिति।
  • फेफड़ों से निकला भूरा या हरा बलगम जो खाँसी से बाहर निकलता है।
  • मतली और उल्टी।

Pneumonia Causes || निमोनिया के कारण:

  • फेफड़े में लगी चोट के कारण भी निमोनिया होता है।
  • निमोनिया बैक्टीरिया, वायरस, और फफूंद के द्वारा होता है।
  • निमोनिया एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के निकट संपर्क के कारण फैलते हैं।
  • फ्लू वायरस की वजह से भी हमें निमोनिया हो सकता है।
  • बैक्टीरिया वायरस फंगस इन के कारण भी हो सकते है।

निमोनिया के घरेलू उपचार:

  • तुलसी के कुछ ताजे पत्तों का रस लेकर उसमें काली मिर्च पीस कर मिला लें और यह रस हर छह घंटे के अंतराल पर दें।
  • पानी में लहसुन की कलियां डालकर उबालें। फिर उन कलियों को खिलाकर रोगी को वह पानी पिला दे।
  • जैतून का तेल गर्म होता है इसलिए रात को सोते समय बच्चों के सिर पर इसकी मालिश करनी चाहिए।
  • ऐसा करने से बच्चे का शरीर गर्म रहता है। पैर पर मालिश करने से बच्चे निमोनिया से बचें रहते हैं।
  • खाने में त्रिफला और अश्वगंधा के साथ थोड़ी अदरक और इलायची मिलाने से भी निमोनिया में काफी लाभदायक होता हैं।
  • थोड़े से गुनगुने पानी के साथ शहद लेना भी लाभदायक रहता है।
  • ताजा अदरक का रस लेने या अदरक को चूसने से भी निमोनिया में आराम मिलता है।
  • एक पाव पानी में एक चम्मच लौंग डालकर पकाए और उसका चौथा भाग सुबह-शाम रोगी को सुबह-शाम दे।
  • पांच पत्ते तुलसी, तीन ग्राम मिश्री और पांच काली मिर्च पिस कर चूर्ण तैयार कर लें।
  • फिर इसकी छोटी छोटी गोलियां बनाकर सुबह और शाम पानी के साथ लें।
  • शुद्ध छना हुआ पानी को ही पीने में उपयोग लाये ।
  • एक चम्मच सेम के बीज, तिल और शहद मिलाएँ, इसमें एक चुटकी नमक डालें और पानी मिलाएँ।
  • इसका दिन में दो बार सेवन करें। इससे सूजन कम होती है।

तो दोस्तों आज की यह पोस्ट केसी लगी कमेंट्स करके जरुर बताना धन्यवाद्।

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