Yoga ke benefits || योग करने के फायदे :

“योग” शब्द का उद् गम संस्कृत भाषा से है और इसका अर्थ “जोडऩा, एकत्र करना” है। योगिक व्यायामों का एक पवित्र प्रभाव होता है और यह शरीर, मन, चेतना और आत्मा को संतुलित करता है। योग हमें समस्याओं और परेशानियों का मुकाबला करने में सहायक होता है। योग स्वयं के बारे में समझ, जीवन का प्रयोजन और ईश्वर से हमारे संबंध की जानकारी विकसित करने के लिए सहायता करता है।

योग की आवश्यकता :-  शरीर के स्वस्थ रहने पर ही मस्तिष्क स्वस्थ रहता है। मस्तिष्क से ही शरीर की समस्त क्रियाओं का संचालन होता है। इसके स्वस्थ और तनावमुक्त होने पर ही शरीर की सारी क्रियाएँ भली प्रकार से सम्पन्न होती हैं। इस प्रकार हमारे शारीरिक , मानसिक , बौद्धिक और आत्मिक विकास के लिए योगा अति आवश्यक है।

योग के सामान्य नियम :- योगासन उचित विधि से ही करना चाहिए अन्यथा लाभ के स्थान पर हानि की सम्भावना रहती है। योगासन के अभ्यास से पूर्व उसके औचित्य पर भी विचार कर लेना चाहिए। बुखार से ग्रस्त तथा गम्भीर रोगियों को योगासन नहीं करना चाहिए। योगासन करने से पहले नीचे दिए सामान्य नियमों की जानकारी होनी आवश्यक है|

  1. योगासन करते समय मन को प्रसन्न , एकाग्र और स्थिर रखना चाहिए। कोई बातचीत नहीं करनी चाहिए।
  2. योगासन के अभ्यास को धीरे-धीरे ही बढ़ाएँ।
  3. प्रातः काल शौचा आदि से निवृत्त होकर ही योगासन का अभ्यास करना चाहिए। स्नान के बाद योगासन करना और भी उत्तम रहता है।
  4. योगासन के लिए शान्त , स्वच्छ तथा खुले स्थान का चयन करना चाहिए। बगीचे अथवा पार्क में योगासन करना अधिक अच्छा रहता है।
  5. आसन करते समय हलके तथा ढीले-ढाले वस्त्र पहनने चाहिए।
  6. अभ्यास के आरम्भ में सरल योगासन करने चाहिए।
  7. योगासन करने के बाद आधे घण्टे तक न तो स्नान करना चाहिए और न ही कुछ खाना चाहिए।
  8. सायंकाल खाली पेट पर ही योगासन करना चाहिए

Yoga ke benefits || योग करने के फायदे :

योग शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ता है और दवाओं पर आपकी निर्भरता को घटता है।  बहुत सी स्टडीज में साबित हो चुका है कि अस्थमा , हाई ब्लड प्रेशर , टाइप  डायबिटीज के मरीज योग द्वारा पूर्ण रूप से स्वस्थ हो चुके हैं।

योग से ब्लड शुगर का लेवल घटता है और ये LDL या बैड कोलेस्ट्रोल को भी कम करता है। डायबिटीज रोगियों के लिए योग बेहद फायदेमंद है।

मन की एकाग्रता एवं धारणा शक्ति बढती है | आजकल ध्यान यानि मेडिटेशन का प्रचार हमारे देश में हो रहा है आज की भौतिकता वादी संस्कृति में दिन रात भाग दौड़, काम का दबाव, रिश्तो में अविश्वास आदि के कारण तनाव बहुत बढ़ गया है | ऐसी स्तिथि में मेडिटेशन से बेहतर और कुछ नहीं है ध्यान से मानसिक तनाव दूर होकर गहन आत्मिक शांति महसूस होती है, कार्य शक्ति बढती है|

दोस्तों आप को ये पोस्ट केसी लगी आप कमेंट्स करके बताओ

 

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